फरीदाबाद की हवा में फिर घुला जहर
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी की हवा में अति सूक्ष्म प्रदूषक पीएम 2.5 की मात्रा बेहद खतरनाक स्तर से कम नहीं हो रही है। शनिवार को वायुमंडल में पीएम 2.5 की मात्रा 439 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर के उच्चतम स्तर तक पहुंची और पूरे दिन में 301 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर से नीचे नहीं हुई। वायु प्रदूषण का असर शहर में स्वस्थ लोगों की सेहत पर पड़ने लगा है। शहर में एलर्जी, खांसी, जुकाम, सिरदर्द, आंखों में दर्द-जलन, आंखों से पानी निकलने आदि समस्या से ग्रस्त लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
देश के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में शामिल औद्योगिक नगरी में वायु गुणवत्ता सूचकांक पिछले तीन दिन से बेहद खराब स्तर पर है। मंगलवार को भी यहां के वायुमंडल में प्रदूषक पर्टिकुलेट मैटर (पीएम)2.5 की औसत मात्रा 380 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर की उच्च दर पर रही। मंगलवार रात पीएम 2.5 की मात्रा वातावरण में 375 से 390 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर के बीच बनी रही। अन्य दिनों के विपरीत मंगलवार को सूरज निकलने के बाद इसकी मात्रा में इजाफा होना शुरू हुआ। सुबह करीब नौ बजे वातावरण में इसकी मात्रा 439 के बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गई जो कमोबेश दोपहर बाद दो बजे तक बनी रही। दोपहर बाद हल्की हवाएं चलने और मौसम गर्म होने पीएम 2.5 की मात्रा में तेजी से गिरावट आई। चार घंटों में इसकी मात्रा 430 से घट कर 330 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर पहुंच गई। बीके सिविल अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. नवीन गर्ग ने बताया कि वायु प्रदूषण का यह स्तर हृदय और सांस के रोगियों के लिए बेहद खतरनाक है। दिवाली के बाद से हृदय और सांस के रोगियों की संख्या करीब 30 फीसदी बढ़ चुकी है। यह मरीज सांस लेने में दिक्कत, सांस उखड़ने, खराश, सिरदर्द, चक्कर आना, सीने और सिर में भारीपन आदि समस्या लेकर आ रहे हैं। उन्होंने आम लोगों को अच्छी गुणवत्ता का मास्क पहन कर बाहर निकले की सलाह दी।