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हर माह लाखों की वसूली, मेंटिनेंस के नाम पर धोखा

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हर माह लाखों की वसूली, मेंटेनेंस के नाम पर धोखा
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। ग्रेटर फरीदाबाद में आशियाने का सपना निवेशकों पर भारी पड़ रहा है। कोई पजेशन के लिए धक्के खा रहा है तो कोई फ्लैट पर कब्जा पाकर भी खुश नहीं है। सेक्टर 75 स्थित बीपीटीपी रिसॉर्ट के 300 निवेशक इन दिनों बिल्डर की मनमानी से परेशान है। यहां रहने वाले निवासियों ने सुरक्षा कर्मियों और मेंटेनेंस स्टाफ को दो साल से समय पर वेतन न दिए जाने का आरोप बिल्डर पर लगाया है, जबकि हर फ्लैट मालिक से हर महीने छह हजार रुपये मेंटेनेंस चार्ज के रूप में वसूला जा रहा है। वेतन न मिलने की वजह से कर्मचारी भी लामबंद होने को तैयार हैं। परेशानी बढ़ती देख स्थानीय निवासियों ने स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई है। वहीं, बिल्डर कंपनी का कहना है कि अधिकांश फ्लैट मालिक मेंटेनेंस चार्ज नहीं चुका रहे हैं जिसकी वजह से यह समस्या पैदा हुई है।
बीपीटीपी रिसॉर्ट रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन की तरफ से पुलिस को दी गई शिकायत में बताया गया कि 300 परिवार इस प्रोजेक्ट में पजेशन लेकर रह रहे हैं। दो साल से यहां की सिक्योरिटी गार्ड्स और मेंटेनेंस स्टाफ को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। हर दो-तीन महीने में सुरक्षा कर्मचारी और मेंटेनेंस स्टाफ की कंपनी के अधिकारियों के साथ कहासुनी होती है। एसोसिएशन के कोर कमेटी सदस्य मोहनदीप ने बताया कि प्रत्येक फ्लैट मालिक से हर महीने मेंटेनेंस के नाम पर छह हजार रुपया वसूला जा रहा है तो सुविधाएं क्यों नहीं मिल रही हैं। फ्लैट के बेसमेंट में लीकेज की समस्या लंबे समय से बनी हुई है जो बिल्डिंग के लिए घातक साबित हो सकती है। सोसायटी में कहीं भी सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों की सुरक्षा ताक पर है।
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एसोसिएशन के अध्यक्ष डीडी विज ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से स्थिति काफी बिगड़ गई है। मेंटेनेंस स्टाफ 26 अगस्त को हड़ताल की घोषणा कर चुका है। निवासियों के हस्तक्षेप के बाद एजीएम मेंटेनेंस ने आश्वासन दिया था कि स्टाफ को पूरा वेतन दे दिया जाएगा लेकिन अब तक स्टाफ परेशान है। उन्होंने बताया कि अपना मकान खरीदकर भी यहां लोग किराये के मकान में रहने जैसी स्थिति से गुजर रहे हैं। बिल्डर कंपनी के अधिकारियों की तरफ से हमारी अनदेखी की जा रही है। कोई मिलना तो दूर बात करने को भी तैयार नहीं है।

हर टावर पर चस्पा किए नोटिस
स्थिति तब और बिगड़ गई जब सुरक्षा कर्मियों की हड़ताल से संबंधित बेनामी चिट्ठी हर टावर पर चस्पा कर दी गई। जिसमें सुरक्षा कर्मियों को पांच महीने से वेतन न मिलने का हवाला दिया गया है। एसोसिएशचन के मुताबिक स्थानीय निवासी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि कोई भी कैमरा आदि यहां नहीं लगा है।

शिकायतों का अंबार, कार्रवाई शून्य
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के पास बिल्डरों की शिकायतों का अंबार लगा हुआ है। बिल्डर-निवेशक विवाद को सुलझाने के लिए मनोहर सरकार ने गंभीरता दिखाई थी। सरकार के आदेश पर जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया था। इस कमेटी में डीसी के अलावा एसडीएम, डीटीपी सहित अन्य अधिकारियों को शामिल किया गया लेकिन कमेटी भी सिर्फ कागजों में काम करती दिख रही है। इसकी गिनीचुनी बैठकों में निवेशक अपना रोना रोकर रह जाते हैं।
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कस्टमर अगर पैसा नहीं देगा तो हम सुविधाएं कहां से देंगे। बड़ी संख्या में फ्लैट मालिक मेंटिनेंस चार्ज नहीं दे रहे हैं। हम अपना पैसा देकर अब तक काम चला रहा थे लेकिन ऐसा कब तक चलेगा। हमें भी दिक्कतें हो रही हैं।
-रोहित मोहन, एजीएम-मार्केटिंग
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