हर माह तीन हजार लोग करते हैं आवेदन, इस माह करीब 10 हजार तक पहुंची संख्या
1 लाख के करीब है जिले में पीएनजी उपभोक्ताओं की संख्या
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। घरेलू एलपीजी सिलिंडर की किल्लत और सप्लाई को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच फरीदाबाद में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की मांग तेजी से बढ़ रही है। शहर के एनआईटी, ओल्ड फरीदाबाद और ग्रेटर फरीदाबाद में पाइपलाइन पहुंचने के बाद बड़ी संख्या में लोग पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन कर रहे हैं। हालात यह हैं कि करीब 10 हजार लोग कनेक्शन के इंतजार में हैं जबकि दूसरी ओर करीब 15 हजार घर ऐसे हैं जहां पीएनजी कनेक्शन लग चुका है लेकिन अब तक गैस चालू नहीं कराई गई।
एलपीजी सिलिंडर की उपलब्धता और कीमत को लेकर बनी आशंकाओं के कारण लोग अब स्थायी गैस व्यवस्था की ओर बढ़ रहे हैं। सरकार और गैस कंपनियों की ओर से भी लोगों को पीएनजी अपनाने के लिए जागरूक किया जा रहा है लेकिन शहर में अब भी ऐसे कई लोग है जिन्होंने कनेक्शन लेने के बाद शुरू नहीं करवाया है।
सिलिंडर की किल्लत के बाद पीएनजी के लिए बढ़े आवेदन
गैस कंपनियों के अनुसार फरीदाबाद में हर महीने औसतन करीब 3 हजार लोग पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन कर रहे हैं। मार्च महीने में यह संख्या बढ़कर करीब 10 हजार तक पहुंच गई जो पिछले महीनों के मुकाबले ज्यादा है। पीएनजी में पाइपलाइन के जरिये लगातार सप्लाई मिलती है, इसलिए शहरी इलाकों में इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है। इस समय करीब 10 हजार उपभोक्ता वेटिंग में हैं जिनके घरों तक लाइन या मीटर लगाने का काम चल रहा है।
फरीदाबाद में करीब एक लाख कनेक्शन
फरीदाबाद में इस समय करीब एक लाख घरों में पीएनजी कनेक्शन हैं। सबसे ज्यादा उपभोक्ता ग्रेटर फरीदाबाद, नहर पार और ओल्ड फरीदाबाद में हैं जहां पिछले कुछ वर्षों में तेजी से पाइपलाइन बिछाई गई है। इसके बावजूद करीब 15 हजार उपभोक्ता ऐसे हैं जिन्होंने कनेक्शन तो ले लिया लेकिन गैस शुरू नहीं कराई।
अरावली और सूरजकुंड क्षेत्र में भी पीएनजी शुरू होने की उम्मीद
शहर के कई हिस्सों में पीएनजी नेटवर्क होने के बावजूद अरावली क्षेत्र और सूरजकुंड के आसपास अभी पाइपलाइन नहीं पहुंची है। पहाड़ी और कठिन भौगोलिक स्थिति के कारण इन इलाकों में लाइन बिछाना चुनौती माना जा रहा है जिसके कारण यहां के लोग अभी भी एलपीजी सिलिंडर पर निर्भर हैं। वहीं जानकारों का कहना है कि यहां पर पीएनजी लाइन डालने की योजना पर विचार किया जा रहा है।