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रावण के मरते ही गूंजे जयघोष

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रावण के फुंकते ही गूंजा जय श्रीराम का जयघोष

फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी में जगह-जगह आयोजित रामलीला मंचन में भगवान राम ने रावण और उसके कुनबे को मार गिराया। इस दौरान रामलीला देखने के लिए दर्शकों की भीड़ लगी रही। रावण के मरते ही रामलीला परिसर में जय श्री राम के उद्घोष गूंजने लगे।
एनआईटी एक स्थित विजय रामलीला में मेघनाद ने लक्ष्मण को शक्तिबाण मार कर मूर्छित कर दिया। जिसे संजीवनी बूटी का रस पिलाकर दूसरा जीवन दिया गया। दूसरे दृश्य में रावण का बेटा अहिरावण श्रीराम व लक्ष्मण को भ्रमित कर पाताल में ले जाता है। जिन्हें बचाने के लिए हनुमान जी धरती फाड़ कर राम और लक्ष्मण को बचा कर लाते हैं। तीसरे दृश्य में राम और रावण का भयंकर युद्ध हुआ जिसमें रावण कहता है कि चंद्रहास शिव से मिली, पुष्पक कुबेर से पाया है, लंका है वरदान मुझे, अद्भुत सम्राज्य बनाया है, जो रत्न असंभव दुनिया में, उस रत्न से मुकुट सजाया ह ै, वैसी बहुमूल्य सिया तेरी, घर अपने बंधी बनाया है.....। श्रीराम कहते हैं क्या अद्भुत है ख्याति जग में, क्या दिव्य राजा पाया है, कुछ छीन लिया, कुछ चोरी किया, ऐसे सम्राज्य बनाया है, रत्नों से हैं कोष भरे, अपनों को रण में गवाया है, सोच जरा कन्धा देने, किसको छोड़कर आया है....।
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रावण हंसकर बोलता है चार वेदों का ज्ञाता हूं, दश शीश का हूं स्वामी, काल बजाता हुक्म मेरा, मृत्यु करें गुलामी....। राम रावण को फटकारते हुए कहते हैं पढ़ कर वेद पुराणों को, क्या यही शिक्षा पाई है, चोरो की भांति घुस कर, कुटिया से नारी चुराई है....। यह सुन रावण क्रोध में आकर सेना को युद्ध करने के आदेश दे देता है और
वानरों की सेना व रावण की सेना में भयंकर युद्ध होता है। कमेटी के महासचिव सौरभ कुमार ने बताया कि भगवान राम और रावण का वध देखने के लिए पंडाल दर्शकों से भर गया। रामलीला मंचन के दौरान श्रीराम बाण के प्रहार से रावण को मार गिरा देते हैं। दस दौरान सभी दर्शक जय श्र ी राम के नारे लगाने लगते हैं। इस दौरान राम की भूमिका सौरभ कुमार, लक्ष्मण की भूमिका प्रिंस मनोचा, रावण की भूमिका टेकचंद नागपाल, अहिरावण की भूमिका कमल शर्मा, मेघनाथ की भूमिका लखन वर्मा ने निभाई।

श्री धामक लीला कमेटी में हुआ रावण वध
फरीदाबाद। एनआईटी एक स्थित श्री धार्मिक लीला कमेटी में रामलीला मंचन के दौरान भगवान राम ने अहिरावण का वध किया। लक्ष्मण ने मेघनाद से बदला लेते हुए उसका वध कर दिया। इस दौरान दर्शकों में खुशी नजर आई। जब रावण को पता चलता है कि उसका बेटा युद्ध में मारा गया है तो रावण क्रोध में आकर बोलता है कौन है यह जिसने मेरे परिवार के वंश को मार ड़ाला....। रावण युद्ध के लिए मैदान में जाता है और भगवान राम को चुनौती देते हुए कहता है सिर पर सिर कट कट गिरेंगे, लाश होगी लाश पर, रक्त के नाले बहेंगे, देखना आकाश की ओर फिर...। राम कहते हैं वैभव का जादू अब तो बस अंधेर है, रावण मिटने में तेरे बस पल भर की देर हैं इसके साथ ही राम बाण छोड़ देते हैं जो रावण के सीने को छलनी कर देता है और रावण का वध हो जाता है। इसके साथ ही परिसर में सियापति रामचन्द्र की जय के नारे लगने लगते हैं।

यदि रावण रहे जीवित तो हम भी राम नहीं....
फरीदाबाद। सेक्टर-15 स्थित श्री श्रद्धा रामलीला कमेटी में रामलीला मंचन के आखिरी दिन मेघनाथ, अहिरावण व रावण का वध हुआ। पहले दृश्य में लक्ष्मण और मेघनाद का युद्ध होता है जिसमें मेघनाथ कहता है ओ हो: क्या पहली मार इतनी जल्दी भूल गया, अरे नादान जानता नहीं मैं मेघनाथ हूं। देवताओं का शत्रु इन्द्रजीत मेघनाथ....। हां हां मैं खूब जानता हूं जो कुछ तुम्हारी औकात है, वाकई रावण का पुत्र मेघनाथ है परन्तु देख इस धनुष और बाण को देख और फिर विष्णु भगवान के वरदान को देख....। लक्ष्मण ने कहते हुए बाण चला दिए और मेघनाथ की मौत हो गई। रावण को यह सूचना मिलती है कि युद्ध मे उसका बेटा मेघनाथ, कुंभकरण व उसकी सेना मारी जा चुकी है तो रावण स्वयं ही युद्ध के मैदान में आकर भगवान राम को चुनौती देते हुए कहता है राम तुझे नाकाम न कर दूं तो रावण नाम नहीं....। यदि रावण रहे जीवित तो हम भी राम नहीं....। रावण क्रोध में कहता है आओ जरा सामने आओं, दूर खड़े न चिल्लाओं और जबानी शेखियां न बताओ, मैं अपने सारे परिवार का बदला चुकाऊंगा और इस उबलते हए खून से खन्जरे आबदार की प्यास बुझाऊंगा....।
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भगवान राम कहते है आओं रावण बड़े शौक से आओं, मेरा बल देखों और अपना गुस्सा दिखाओं, मैं तुम्हारी तरह मियां मिठ्ठु नहीं बनना चाहता....। श्रीराम और रावण में भयंकर युद्ध शुरू हो जाता है। बहुत देर युद्ध चलने के बाद भगवान राम अपने बाण से रावण को मार गिरा देते हैं। दृश्य देख दर्शकों में खुशी की लहर दौड़ जाती है और दर्शक जय श्रीराम के नारे लगाने लगते है। रामलीला मंचन के दौरान राम की भूमिका रितेश कुमार, लक्ष्मण की भूमिका अनिल चावला, हनुमान की भूमिका कैलाश चावला, रावण की भूमिका श्रवण चावला, मेघनाथ की भूमिका विजय कुमार कांत ने निभाई।
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