बेसहारों के लिए अब पूरे साल खुलेंगे रैन बसेरे
- शहर में सात रैन बसेरों में मिलेगी चाय-पानी और मनोरंजन की सुविधा
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर लोगों के लिए खुशखबरी है। इन लोगों के लिए रैन बसेरे अब पूरे साल खुले रहेंगे। रैन बसेरे में मनोरंजन के लिए टीवी और सुबह चाय भी मिलेगी। अभी तक सिर्फ सर्दी के मौसम में तीन माह ही खुलने वाले इन रैनबसेरों को पूरे वर्ष चालू रखने के सरकार के आदेश मिलते ही निगम प्रशासन ने इसे अमलीजामा पहनाने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
शहर में कुल सात रैन बसेरे हैं, इनमें नगर निगम के चार और रेडक्रॉस सोसायटी के दो स्थायी रैनबसेेरे हैं। एक रैनबसेरा अस्थायी है। अभी तक यह रैन बसेरे सर्दी के मौसम में दिसंबर से फरवरी (तीन माह) ही खुलते थे। सर्दी में रैनबसेरे खोले जाने का उद्देश्य आसमान के नीचे सोने वालों को ठंड से बचाना था। कड़ी गर्मी और बरसात के मौसम में भी ऐसे लोगों को छत की जरूरत होती है। इन लोगों को सर्दी के साथ बरसात और गर्मी में भी छत हासिल हो, इसके लिए सरकार ने रैन बसेरे बारह महीने खुले रहने का निर्णय लिया है। निगम अधिकारी के अनुसार रैन बसेरे में बिस्तर, पानी, एलईडी और सुबह की चाय का इंतजाम भी किया जाएगा। जिला प्रोजेक्ट हेड द्वारिका प्रसाद ने बताया कि रैन बसेरों को पूरे साल खोलने और इनके संचालन के लिए सरकार ने प्रति रैन बसेरा प्रतिमाह 50 हजार रुपये धनराशि खर्च करने का प्रावधान किया है। शहर के सभी सात रैनबसेरों के संचालन के लिए अब टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाएगी। टेंडर के आधार पर शहर की किसी समाजसेवी संस्था को इनका जिम्मा सौंपा जाएगा।
बेघरों को यहां मिलती है शरण
- तिकोना पार्क नियर सामान्य बस स्टैंड, एनआईटी
- न्यू जनता कॉलोनी, एनआईटी
- सिटी पार्क बल्लभगढ़
- नारी निकेतन बौध बिहार, एनआईटी तीन नंबर
- रेडक्रॉस भवन सेक्टर 12
- नशा मुक्ति केंद्र सेक्टर 14
- डबुआ सब्जी मंडी