तीन करोड़ की लागत से बनेगा प्लांट
फरीदाबाद। बायो मिथेनेशन प्लांट के जरिये जैविक कूडे़ से अब खाद और गैस बनाई जाएगी। करीब तीन करोड़ के इस प्रोजेक्ट के लिए इंडियन ऑयल कारपोरेशन फंड जारी करेगा। जबकि इस कार्य के लिए जमीन का इंतजाम हुडा ने किया है। प्लांट में प्रतिदिन करीब 18 सिलेंडर गैस तैयार होगी। इन सभी सिलिंडर को मिड डे मील तैयार करने वाली संस्था एस्कॉन को निशुल्क दिया जाएगा। सेक्टर- 13 स्थित इंडियन ऑयल रिसर्च एवं डेवलेपमेंट सेंटर में रविवार को उद्योग मंत्री विपुल गोयल और महापौर सुमनबाला की मौजूदगी में प्लांट के लिए एमओयू साइन किया गया।
इस दौरान उद्योग मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि वेस्ट मैनेजमेंट किसी भी शहर को स्वच्छ और स्मार्ट बनाने के लिए सबसे ज्यादा अहमियत रखता है। इसके लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी मॉडल) बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि इंडियन ऑयल, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, नगर निगम फरीदाबाद, ईकोग्रीन और एस्कॉन कंपनी के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इंडियन ऑयल की तरफ से सीएसआर फंड से करीब तीन करोड़ की लागत वाले इस प्लांट को तैयार किया जाएगा। यह मार्च 2019 तक बनकर तैयार हो जाएगा। इस प्लांट के लिए हुडा ने जमीन उपलब्ध कराई है। प्लांट को 3 साल तक चलाने के बाद सही स्थिति में नगर निगम फरीदाबाद को सौंप दिया जाएगा।
उद्योग मंत्री ने बताया कि इस बायो मिथेनेशन प्लांट से हर रोज करीब 18 सिलिंडर गैस बनेगी। इन सभी सिलेंडर को एस्कॉन कंपनी को मुफ्त सप्लाई किया जाएगा। यह कंपनी फरीदाबाद के करीब 60 हजार स्कूली बच्चों के लिए मिड डे मील बनाती है। इसके अलावा प्लांट में रोजाना 5 टन जैविक कूड़े से साढ़े तीन से चार टन कंपोस्ट खाद भी तैयार होगी। इस खाद को पार्कों में इस्तेमाल के लिए हुडा को सप्लाई किया जाएगा। उन्होंने ईको ग्रीन कंपनी को जैविक कूड़े को अलग से इकट्ठा करने के लिए नियमित रूप से जरूरी कदम उठाने के भी निर्देश दिए।
उद्योग मंत्री ने कहा कि 5 जून को पर्यावरण दिवस तक बड़ा परिवर्तन लाने के लिए आने वाले समय में नगर निगम, हुडा और ईकोग्रीन की तरफ से जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
इंडियन ऑयल रिसर्च एंड डेवलेपमेंट सेंटर के डायरेक्टर डा. रामकुमार ने इंडियन ऑयल की इस पहल में सहयोग के लिए हरियाणा सरकार का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर इंडियन ऑयल के सलाहकार गंगाशंकर मिश्र, हुडा, ईकोग्रीन और एस्कॉन के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।