स्थानीय छात्रों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। जिले के तिलपत क्षेत्र के छात्रों के लिए अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का सपना हकीकत बनने जा रहा है। यहां स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 12 अतिरिक्त कक्षा-कक्ष और 3 पीसीबी (भौतिकी, रसायन, जीवविज्ञान) प्रयोगशालाओं का निर्माण होने जा रहा है। इस पहल से न केवल स्थानीय छात्रों को बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
तिलपत क्षेत्र का यह विद्यालय वर्षों से छात्रों की बढ़ती संख्या के मुकाबले अपर्याप्त कक्षाओं और प्रयोगशालाओं से जूझ रहा था। विज्ञान विषयों की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए प्रायोगिक सुविधाएं बेहद सीमित थीं, जिससे पढ़ाई का स्तर प्रभावित होता था। कई बार प्रयोगशालाओं की कमी के कारण बच्चों को व्यावहारिक कक्षाएं छोड़नी पड़ती थीं या एक ही प्रयोगशाला में कई सेक्शन को समायोजित करना पड़ता था।
सीखने का माहौल बदलेगा
नई कक्षाओं के निर्माण से विद्यालय में छात्रों को भीड़-भाड़ से मुक्ति मिलेगी और शिक्षक भी बेहतर तरीके से पढ़ा सकेंगे। वहीं, तीनों विज्ञान प्रयोगशालाओं के निर्माण से छात्रों को प्रायोगिक शिक्षा का पूरा लाभ मिलेगा। इससे विज्ञान विषयों में रुचि बढ़ेगी और बच्चों का आत्मविश्वास भी मजबूत होगा। शिक्षक भी मानते हैं कि प्रायोगिक आधार पर सीखना बच्चों की सोचने और समस्याएं सुलझाने की क्षमता को विकसित करता है।
ग्रामीण क्षेत्र के लिए बड़ा लाभ
तिलपत के अलावा आसपास के गांवों मोहना, दयालपुर, फतेहपुर बिलौच और अन्य क्षेत्रों के बच्चे भी इस विद्यालय में पढ़ते हैं। इन सभी को अब आधुनिक सुविधाओं से युक्त कक्षाएं और प्रयोगशालाएं मिलेंगी। इससे गांव के बच्चों को शहर के निजी स्कूलों जैसी सुविधाएं मिल पाएंगी, जिससे शिक्षा में असमानता घटेगी।
ड्रॉपआउट रेट पर भी पड़ेगा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार का सीधा असर ड्रॉपआउट रेट पर पड़ता है। जब स्कूल में पर्याप्त कक्षाएं, प्रयोगशालाएं और अन्य सुविधाएं होती हैं, तो बच्चे पढ़ाई में ज्यादा समय देते हैं और अभिभावकों का भरोसा भी बढ़ता है। खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां शिक्षा छोड़कर बच्चे कम उम्र में काम पर लग जाते हैं, ऐसे निवेश लंबे समय तक सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
स्थानीय लोगों ने जताई खुशी
गांव के लोग उम्मीद जता रहे हैं कि नई इमारत के साथ स्कूल में पुस्तकालय, स्मार्ट क्लासरूम और खेल मैदान जैसी सुविधाएं भी विकसित हों। वहीं पंचायत प्रतिनिधि चाहते हैं कि परियोजना में स्थानीय मजदूरों को काम मिले, जिससे गांव की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिल सके।
स्कूल में निर्माण कार्य अगले माह शुरू हो जाने की उम्मीद है। लोगों को आने वाले साल में सुविधाएं मिलना शुरू हो जाएंगी। - एसईओ शिक्षा विभाग, सुनील कुमार