फरीदाबाद। एनएचएम कर्मचारियों ने मंगलवार से दो दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारियों ने सिविल अस्पताल बीके में धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि फिलहाल हड़ताल दो दिवसीय है, अगर मांगें नहीं मानी गई तो यह आगे भी जारी रह सकती है। इस कारण स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। बीके में इसका खास असर देखने को नहीं मिला, मगर अस्पताल में एंबुलेंस सेवा पूरी तरह से बंद रही। पहले दिन हड़ताल में 680 एनएचएम कर्मचारी शामिल हुए। इसमें डॉक्टर, टीके लगाने वाले नर्सिंग स्टाफ, ड्राइवर, क्लर्क व कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल हैं।
पीएचसी व सीएचसी पर प्रभावित रही सेवाएं
कर्मियों की हड़ताल से बीके अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं पर कोई खास असर दिखाई नहीं दिया, मगर पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र), सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) और डिस्पेंसरियों पर स्वास्थ्य सेवाएं काफी प्रभावित रही। क्योंकि यहां ज्यादातर एनएचएम का ही स्टाफ कार्यरत है। शहर में लगभग 13 पीएचसी, 2 सीएचसी और 2 जच्चा-बच्चा केंद्र हैं, जहां पर स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा आई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. गुलशन अरोड़ा ने कहा कि सीएचसी पर मरीजों को कोई दिक्कत नहीं हुई।
एंबुलेंस सेवा रही बंद, निजी अस्पतालों की एंबुलेंस का लिया सहारा
बीके अस्पताल में एंबुलेंस सेवा पूरी तरह से बंद रही। मरीज निजी गाड़ियों से अस्पताल आ रहे थे। वहीं अस्पताल प्रबंधन की ओर से मरीजों की परेशानी को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा गुलशन अरोड़ा ने निजी अस्पतालों की छह एंबुलेंस का सहारा लिया।
वर्षों से लंबित है मांगें
एनएचएम कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला प्रधान धर्वेंद्र सिंह ने बताया कि कर्मचारियों की मांगे पिछले काफी समय से लंबित हैं, लेकिन सरकार सुधबुध नहीं ले रही। इन कर्मचारियों को पिछले 20 सालों से काम पर रखा गया है, मगर कर्मचारियों को अब तक पक्का नहीं किया गया। बुधवार को हमें सरकार का कोई सकारात्मक रुख दिखाई नहीं दिया तो हड़ताल को अनिश्चितकाल तक जारी रखने में परहेज नहीं करेंगे। इस अवसर पर उप प्रधान धीरज व सुमन, चंचल, दीपक, सरिता मोगा, कृष्ण, सविता, सरिता, राजेंद्र, डॉ. गोपाल, डॉ. तरुण सहित अनेक कर्मचारी मौजूद रहे।
एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल का स्वास्थ्य सेवाओं पर कोई खास असर नहीं पड़ा। हड़ताल की सूचना पहले होने के चलते अतिरिक्त नर्सिंग स्टाफ बुला लिया गया था। इसके साथ ही निजी अस्पताल की छह एंबुलेंस सेवा में लगाई गई हैं, जिससे मरीजों को रेफर करने में कोई दिक्कत नहीं आएगी।-डॉ. गुलशन अरोड़ा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी फरीदाबाद।