‘रियलटी चेक’ में फेल हुआ बीके सिविल अस्पताल
फरीदाबाद। सामाजिक अधिकार एवं न्याय विभाग के केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर के औचक निरीक्षण में बीके सिविल अस्पताल फेल हो गया। शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थी मरीजों से बात करने अचानक ही अस्पताल पहुंच गए थे। इस दौरान अस्पताल की लिफ्ट खराब देखकर मंत्री का पारा हाई हो गया। मौके पर सीएमओ को तलाशा गया तो वह भी नदारद मिले। ऐसे में केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाते हुए जल्द से जल्द व्यवस्था दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। इसके बाद अस्पताल की तीसरी मंजिल पर बने हार्ट सेंटर में केंद्रीय मंत्री रैंप पर चलकर पहुंचे। इस दौरान हार्ट के मरीज भी रैंप का सहारा लेते नजर आए। बाद में मौके पर पहुंचे सीएमओ गुलशन अरोड़ा को भी केंद्रीय मंत्री ने जमकर फटकार लगाई।
स्वास्थ्य विभाग भी रहा परेशान
आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों की हकीकत जानने के लिए शुक्रवार सुबह से ही केंद्रीय मंत्री के निरीक्षण की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया कि निरीक्षण कहां पर और किस समय किया जाएगा। इसके बाद से ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया। सबसे पहले उम्मीद थी कि मंत्री बीके सिविल अस्पताल पहुंचेंगे। ऐसे में वहां जोर-शोर से तैयारियां शुरू कर दी गईं। इसके कुछ ही देर बाद फिर से चर्चा चली कि मंत्री किसी सामुदायिक केंद्र का हाल जानेंगे। इस पर अफसरों के पसीने छूट गए। आननफानन में शहरी क्षेत्र के आसपास इलाकों के सामुदायिक केंद्रों को दुरुस्त करने की कवायद शुरू हो गई। इसी बीच पता चला कि केंद्रीय मंत्री अर्श नामक उस निजी अस्पताल का निरीक्षण करेंगे, जिसमें अभी तक आयुष्मान भारत योजना के सबसे ज्यादा मरीजों को लाभ दिया गया है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग का अमला अर्श अस्पताल की ओर दौड़ पड़ा।
अफसर दौड़े उधर, मंत्री जी पहुंचे इधर
दोपहर करीब एक बजे स्वास्थ्य विभाग के अफसर जब सामुदायिक केंद्र और अर्श अस्पताल की ओर दौड़ लगा रहे थे, ठीक उसी समय केंद्रीय मंत्री गुर्जर का काफिला बीके सिविल अस्पताल परिसर पहुंच गया। मंत्री को देखकर अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों के हाथ-पैर फूल गए। तीसरी मंजिल पर जाने के लिए मंत्री लिफ्ट के पास पहुंचे तो पता चला कि अस्पताल की एकमात्र लिफ्ट सुबह से ही खराब पड़ी हुई थी। कुछ मरीजों ने मंत्री को बताया कि लिफ्ट आए दिन खराब होती रहती है। इस पर मंत्री ने सीएमओ को पूछा, तो पता चला कि वह कहीं गए हुए हैं। इसके बाद नाराज मंत्री रैंप के सहारे ही तीसरी मंजिल पर पहुंचे।
मरीजों ने की आयुष्मान भारत योजना की तारीफ
केंद्रीय मंत्री ने हार्ट सेंटर के वार्ड में पहुंचकर खांबी निवासी ओमप्रकाश, आली ब्राह्मण निवासी धर्मो, ओल्ड फरीदाबाद, संजय कॉलोनी व गड़खेडा निवासी मरीजों से बातचीत की। ये सभी मरीज आयुष्मान भारत योजना के तहत हार्ट सेंटर में एंजियोग्राफी या एंजियोप्लास्टी कराने के लिए दाखिल थे। मरीज धर्मो के बेटे लोकीराम ने बताया कि उनकी मां की चारों नसें ब्लॉक हैं। आयुष्मान योजना के तहत उन्हें निशुल्क इलाज मिला है। लाखों रुपये के निशुल्क इलाज और निजी स्तर की सेवाएं पाने से मरीज बेहद खुश दिखे। मरीजों ने प्रधानमंत्री की इस पहल को बेहद खास और गरीबों के हित में बताया। हार्ट सेंटर में कार्यरत डॉ. ओमजीवन, प्रबंधक मान सिंह, डॉ. सुशील माही और डॉ. रचना के साथ अन्य स्टाफ के सदस्य मौजूद रहे।
वर्जन
आयुष्मान भारत योजना की मरीजों ने तारीफ की। इससे खुशी हुई, मगर बीके सिविल अस्पताल में खराब लिफ्ट की बात सामने आई। मरीजों और तीमारदारों का कहना था कि लिफ्ट आए दिन खराब हो जाती है। इसके लिए सीएमओ को निर्देशित किया गया है कि वह व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर लें।
- कृष्णपाल गुर्जर, केंद्रीय मंत्री