फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Faridabad News: मॉडल स्कूल के 11 कमरे जर्जर घोषित, एक कमरे में पढ़ रहे 57 बच्चे

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

फरीदाबाद। एनआईटी तीन स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के 11 कमरों को पीडब्ल्यूडी की ओर से जर्जर घोषित कर दिया गया है। स्कूल में मात्र 22 कमरों में 1263 (6-12 कक्षा के) विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है। औसतन एक कमरे में लगभग 57 बच्चे पढ़ रहे हैं, जबकि नियमानुसार एक क्लास रूम में अधिकतम 40 बच्चों को बैठाया जा सकता है। इस कारण स्कूल प्रबंधन को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल प्रबंधन ने शिक्षा विभाग से पत्र लिखकर मंगलवार को 75 कमरे बनाने की मांग की है।

प्रदेश सरकार की ओर से इस विद्यालय को अपग्रेड करके उन्हें मॉडल संस्कृति योजना में शामिल कर लिया गया है, लेकिन अभी तक यहां किसी प्रकार की सुविधाएं मुहैया नहीं कराई गई हैं। स्कूल में छह से 12वीं कक्षा में 1263 विद्यार्थी पढ़ते हैं। इनके लिए मात्र 22 क्लास रूम और छह लैब हैं। कमरे की कमी होने के कारण स्कूल प्रबंधन जुगाड़ के माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ा रहा है। क्लास रूम के बाहर बने बरामदे में भी बेंच लगाकर छात्रों को पढ़ाया जाता है। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार एक बड़े क्लास रूम में अधिकतम 40 विद्यार्थियों को और छोटे क्लास रूम में 30 विद्यार्थियों को बैठाया जा सकता है। सूत्रों की माने तो स्कूल में 27 कमरों में से पांच-छह कमरे की छत थोड़ी-सी बारिश में भी छपकने लगती है। इस कारण 22 कमरों में ही विद्यार्थियों को पढ़ाया जाता है।
विज्ञापन

मालूम हो कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2019 में मॉडल संस्कृति योजना शुरू की थी। इस योजना में पांच वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को शामिल किया गया था। इनमें राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय एनआइटी-तीन शामिल है।

सामाजिक संस्थाओं में कराई थी मरम्मत

विद्यालयों के कमरों की हालत अच्छी है। करीब दो साल पहले विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने कमरों की छतों की मरम्मत कराई थी। इससे छत टपकना बंद हो गई, लेकिन दीवारों पर सीलन साफ दिखाई देती है।
विज्ञापन


स्कूल में कॉमर्स का नहीं है एक भी अध्यापक
10वीं के बाद छात्रों का रुझान कॉमर्स में अधिक होता है। 11वीं में छात्र अधिक संख्या में कॉमर्स संकाय को चुनते हैं। लेकिन विद्यालय में कामर्स का एक भी अध्यापक नहीं है। विद्यालय में दो कामर्स अध्यापकों की आवश्यकता है। वहीं, सामाजिक विज्ञान, हिंदी, अंग्रेजी विषय के अध्यापकों की भी कमी है। छात्रों को बेहतर शिक्षा देने के लिए 31 पीजीटी की आवश्यकता है। लेकिन सिर्फ 24 अध्यापक की कार्यरत हैं। हिंदी में दो सीटों पर केवल एक ही अध्यापक कार्यरत है। इतिहास, शारीरिक शिक्षा में एक भी अध्यापक नहीं है।

वर्जन
स्कूल में कमरे की कमी है इसे जल्द दूर कर दिया जाएगा। इसके लिए मुख्यालय से स्वीकृति मांगी गई है। -आशा दहिया, जिला शिक्षा अधिकारी





विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें