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अरावली क्षेत्र में 140 अवैध फॉर्म हाउस मामला:

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अवैध फार्म हाउस मामले में जांच के दायरे में उपायुक्त से लेकर सब रजिस्ट्रार तक
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फरीदाबाद। अरावली वन संरक्षित क्षेत्र के अनंगपुर में अवैध रूप से बनाए गए 140 फार्म हाउस की जांच में अब उपायुक्त से लेकर सब रजिस्ट्रार और अन्य अधिकारी भी जांच के दायरे मेें आ गए हैं। विभिन्न कानूनों की करीब 30 धाराओं का उल्लंघन कर इन फार्म हाउस की रजिस्ट्री सहित अन्य धांधली की गईं। इन फार्म हाउसों की रजिस्ट्री से लेकर निर्माण प्रक्रिया तक कितने कानूनों का उल्लंघन किया जा रहा था इसकी जानकारी अधिकारियों को न हो यह मुमकिन नहीं लगता। निगम आयुक्त ने जिला उपायुक्त सहित अतिरिक्त प्रधान सचिव राजस्व, मंडलायुक्त, निदेशक लैंड रिकॉड्र्स को पत्र लिख कर मामले की जांच में दस्तावेज उपलब्ध कराने और सहयोग करने की मांग की है।
अरावली प्रतिबंधित क्षेत्र में सशर्त चेंज ऑफ लैंड यूज (सीएलयू) किए जाने की खबर अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इस पर निगम आयुक्त ने अरावली के अनंगपुर क्षेत्र में अवैध रूप से बनाए जा रहे फार्म हाउस का रिकॉर्ड तैयार करने के लिए सर्वे कराया था। जिला नगर योजनाकार की ओर से किए गए सर्वे में पाया गया था कि अनंगपुर इलाके में कुल 140 अवैध फार्म हाउस बना डाले गए। इनमें से 80 में पूरी बाउंड्री की गई थी जबकि 60 की बाउंड्री डीपीसी स्तर तक बनाई गई थी। सर्वे रिपोर्ट में यह भी आया था कि कई फार्म हाउस सरकारी अधिकारियों ने भी अपने परिवार या रिश्तेदारों के नाम पर बना रखे हैं।
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यह सभी फार्म हाउस हरियाणा म्यूनिसिपल एक्ट 1994, पंजाब शेड्यूल्ड रोड्स एंड कंट्रोल्ड एरियाज रेस्ट्रिक्शन ऑफ अनरेगुलेटेड डेवलपमेंट एक्ट 1963 और हरियाणा डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन ऑफ अर्बन एरिया एक्ट 1975 की विभिन्न धाराओं का उल्लंघन कर बनाए गए। सर्वे रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि अधिकतर मामलों में अवैध सब डिवीजन करने के लिए संबंधित जमीन/प्लॉट का मालिकाना हक कई बार बदला गया। निगम आयुक्त के पत्र के मुताबिक यह सर्वविदित है कि जमीन के रिकॉर्ड का कस्टोडियन (रखवाला) उपायुक्त है, ऐसे में यह संभव ही नहीं है कि स्थानीय राजस्व अधिकारियों की जानकारी के बिना ही इतने अवैध कार्य हो गए हों।
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जमीन के मालिकाना हक के दस्तावेज सब रजिस्ट्रार कार्यालय में पंजीकृत हुए। निगम आयुक्त आश्चर्य जताते हैं कि सब रजिस्ट्र्रार ने कैसे डीटीपी कार्यालय और नगर निगम आयुक्त कार्यालय से एनओसी जारी हुए बिना ही पंजीकरण किया। इन सब आधार पर निगम आयुक्त ने अतिरिक्त प्रधान सचिव एवं वित्तायुक्त (राजस्व), मंडलायुक्त जी अनूपमा और जिला उपायुक्त अतुल कुमार, जिला वन अधिकारी, पुलिस आयुक्त फरीदाबाद को पत्र लिख कर जांच में आवश्यक दस्तावेज और सहयोग करने की मांग की है ताकि इस अवैध कार्य में सहयोग करने वाले अधिकारियों की भूमिका तय कर समयसीमा के भीतर उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए सके।
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