30 दिसंबर 2018 का मामला, 14 साल की नाबालिग से दोस्ती कर किया था दुष्कर्म
- फिर नाबालिग को भगा ले गया था मुंबई, अदालत ने दोषी उमेश पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सेक्टर-58 थाना क्षेत्र में 14 साल की किशोरी से दुष्कर्म के दोषी पड़ोसी उमेश को जिला अदालत ने 10 साल कैद की सजा सुनाई है। उमेश किशोरी को प्रेम जाल में फंसाकर बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया था। पुख्ता सबूतों व गवाहों के आधार पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हेमराज मित्तल की कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। पैनल अधिवक्ता रविंद्र गुप्ता ने बताया कि अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
सेक्टर-58 थाना में ये एफआईआर 30 दिसंबर 2018 को नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने के आरोप में दर्ज हुई थी। उस दौरान 14 साल की किशोरी नौवीं कक्षा में पढ़ती थी। पिता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 29 दिसंबर को बेटी घर से कहीं चली गई है। घर से वो सात लाख रुपये और चांदी के जेवरात भी ले गई। पुलिस ने जांच शुरू की और 5 जनवरी 2019 को किशोरी को बल्लभगढ़ क्षेत्र से ढूंढ लिया। किशोरी को भगाकर ले जाने वाले युवक उमेश को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया और चार लाख रुपये बरामद किए।
पूछताछ में पता चला कि दोनों 4-5 महीने से कॉल पर बात करते थे। नवंबर 2018 में उमेश ने कॉल कर किशोरी को बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद शादी का झांसा देकर उसे भगाने का प्लान बनाया और घर से रुपये भी लाने को कहा। दोनों 29 दिसंबर 2018 को यहां से मुंबई भाग गए थे। वहां रहने के दौरान इनके लगभग तीन लाख रुपये खर्च हो गए। बाद में ये बल्लभगढ़ आए तो पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
आरोपी को जेल भेजने के बाद पुलिस ने चालान तैयार कर कोर्ट में पेश किया, जिसमें 16 गवाह बनाए गए। ट्रायल के दौरान सरकारी वकील सुरेश चौधरी ने गवाहों की गवाही कराई। अब कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। आरोपी पक्ष की ओर से उसे नाबालिग बताकर सजा से बचने का प्रयास किया गया लेकिन जेजे बोर्ड की रिपोर्ट में उसे बालिग करार दिया गया।