यूपी की बेटी की कलाकृति ने लोगों को किया हैरान, मिल चुके हैं अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय अवार्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सूरजकुंड में चल रहे तीन दिवसीय गुर्जर महोत्सव का बुधवार को समापन हो गया। आखिरी दिन अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इस दौरान सूरजकुंड रोड पर करीब दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इसके अलावा पार्किंग फुल होने के कारण महोत्सव में आने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, यूपी की बेटी की कलाकृति को देख लोग हैरान रह गए। छोटी उम्र में गुर्जर समाज की बेटी ने 21 अंतरराष्ट्रीय और 53 राष्ट्रीय अवार्ड हासिल किए हैं।
गुर्जर महोत्सव में आखिरी दिन दस हजार से अधिक लोग पहुंचे। सूरजकुंड परिसर में पार्किंग की जगह न मिलने के कारण लोगों ने रोड किनारे ही जहां तहां वाहन खड़े कर दिए। इससे ट्रैफिक पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी। महोत्सव में तैनात पुलिसकर्मियों को अनखीर चौक से विवांता होटल तक लगे जाम को खुलवाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। गुर्जर महोत्सव के समापन वाले दिन गुर्जर समाज की महिलाएं और पुरुष ढोल की थाप और डीजे पर जमकर थिरके। महोत्सव में पहुंचे 17 राज्यों के प्रतिनिधियों ने समाज की संस्कृति और इतिहास पर चर्चा की। बुजुर्गों ने बेटियों को शिक्षित करने के साथ-साथ खेल और कलां के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। बुधवार को महोत्सव में गुर्जर समाज के कई कलाकार पहुंचे और रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी।
160 देशों में कला का प्रदर्शन कर चुकीं हैं हिमांशी
मेले में गुर्जर समाज की बेटियों ने अपनी कला से सबका दिल जीत लिया। यूपी के एक छोटे से गांव से आई हिमांशी ने अपनी पेंटिंग से सबको हैरान कर दिया। उन्होंने बताया कि गुर्जर समाज में बहुत लड़कियों की पढ़ाई पूरी होने के बाद जल्दी शादी कर दी जाती है लेकिन उनके परिवार ने पढ़ाई के बाद उनकी शादी न करके उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए प्रोत्साहित किया। अभी तक वह 160 देशों में अपनी कला का प्रदर्शन कर चुकीं हैं। उन्हें उनकी अनोखी पेंटिंग के लिए 21 अंतरराष्ट्रीय और 53 राष्ट्रीय अवार्ड मिल चुके हैं। 14 साल की उम्र में लाइव पेंटिंग बनाने को लेकर उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में है। इसके अलावा उन्हें G20 सम्मेलन में पेंटिंग के लिए गोल्ड मेडल भी मिल चुका है।
भमोरा। फाईल फोटो अंजली- फोटो : mathura