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सोलर एनर्जी से रोशन हुआ ओल्ड फरीदाबाद मेट्रो स्टेशन 

Mon, 31 Jul 2017 10:47 AM IST
ऐहतेशाम उद्दीन अहमद/अमर उजाला, फरीदाबाद
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ओल्ड फरीदाबाद मेट्रो रेलवे स्टेशन अब अपनी ही बिजली से रोशन हो रहा है। बदरपुर-एस्कॉट्स मुजेसर रूट के नौ स्टेशनों में ओल्ड फरीदाबाद अपनी बिजली से पूरी तरह संचालित होने वाला पहला स्टेशन बन चुका है।
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पार्किंग एरिया में लगाए गए 150 किलोवाट पीक क्षमता पैनलों के बाद इस स्टेशन पर दिन मेें प्रति घंटा तीन सौ किलोवाट पीक बिजली पैदा की जा रही है। स्टेशन की सफलता देखते हुए डीएमआरसी भविष्य में बाकी स्टेशनों की पार्किंग मेें भी सोलर पैनल लगाने की योजना तैयार कर रहा है।

दिल्ली-एनसीआर की जनता को तेज और आरामदेह सफर उपलब्ध कराने के साथ दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी सजग है। ग्लोबल वार्मिंग, कॉर्बन उत्सर्जन की वजह बनने वाले पारंपरिक ऊर्जा स्रोत (जीवाश्म ईंधन) की जगह डीएमआरसी हरित ऊर्जा को बढ़ावा दे रही है।
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डीएमआरसी ने सौर ऊर्जा के माध्यम से 20 मेगवाट बिजली पैदा करने का लक्ष्य रखा था। इसके तहत पहले चरण में मेट्रो स्टेशनों की छत पर सोलर पैनल लगाए जाने थे। फरीदाबाद कॉरिडोर के सभी नौ स्टेशनों पर अप्रैल 2015 में 150.2 किलोवाट पीक क्षमता के सोलर पैनल लगाए गए थे।

हाल ही में ओल्ड फरीदाबाद की पार्किंग में भी 150 किलोवाट पीक क्षमता के सोलर पैनल लगाए गए हैं। ओल्ड स्टेशन फरीदाबाद कॉरिडोर का पहला स्टेशन बन गया है, जिसकी सौर बिजली उत्पादन क्षमता 300 किलोवाट पीक से ज्यादा है। इस बिजली का उपयोग स्टेशन को रौशन करने, कार्यालय ऑपरेशन के लिए किया जाएगा, भविष्य में क्षमता बढ़ाकर स्वचालित सीढ़ियां (एस्केलेटर) और लिफ्ट भी सौर ऊर्जा से चलाने की तैयारियां हैं। 

ओल्ड फरीदाबा मेट्रो स्टेशन की पार्किंग में 150 किलोवाट पीक क्षमता के सोलर पैनल लगाने के साथ ही पहले फेस का 20 मेगावाट पीक बिजली उत्पादन क्षमता का लक्ष्य पूरा हो गया है। अब डीएमआरसी पचास मेगावाट पीक सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य तय  करने विचार कर रही है, भविष्य में कॉरिडोर के अन्य स्टेशनों की पाृकग में भी सोलर पैनल लगाए जाएंगे। -प्रवक्ता डीएमआरसी 
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