प्रदेश की सबसे पुरानी औद्योगिक नगरी में इस बार 27 उम्मीदवार मैदान में हैं। मुकाबला त्रिकोणीय दिखाई दे रहा है।
जिनमें मुख्यतौर पर भाजपा, कांग्रेस और इंडियन नेशनल लोकदल के प्रत्याशी के नाम लिए जा रहे हैं।
बहुजन समाज पार्टी और आम आदमी पार्टी को लोग चौथे और पांचवें नंबर पर मानकर चल रहे हैं। लेकिन एग्जिट पोल में इस सीट पर भाजपा सबसे आगे दिखाई जा रही है।
क्या है बीजेपी प्रत्याशी की ताकत-कमजोरी?
कृष्णपाल गुर्जर। उम्र: 57 वर्ष। शिक्षा: बीए.एलएलबी। कॉलेल टाइम से राजनीति में
ताकत:मोदी की लहर। संगठन की मजबूती। मिलनसार व्यक्तित्व। पढ़ा-लिखा होना। हर वर्ग में अच्छी पैठ।
कमजोरी: प्रॉपर्टी डीलरों के साथ का आरोप। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मिलीभगत के आरोप। अपने विधानसभा तिगांव में विकास न करवा पाना। दो गुर्जर प्रत्याशियों का मैदान में उतरना। जाट नेताओं में नाराजगी।
क्या होगी कांग्रेस की हालत?
अवतार सिंह भड़ाना। उम्र: 58 वर्ष। शिक्षा: अंडर मैट्रिक। 1980 से राजनीति में।
ताकत:चार कांग्रेसी और दो निर्दलीय विधायकों के साथ का दावा। सबसे पुरानी पार्टी का प्रतिनिधित्व। मिलने-जुलने में आसानी। गुर्जर नेता होने का फायदा। विकास कार्य।
कमजोरी:सत्ता विरोधी लहर। पार्टी पदाधिकारियों की नाराजगी। नरेंद्र मोदी की हवा। दोनों प्रमुख पार्टियों में गुर्जर प्रत्याशी। अपनी बात पर कायम न रहना।
इनेलो बिगाड़ेगा खेल
आरके आनंद। उम्र: 71 वर्ष। शिक्षा: एलएलबी। वर्ष 2000 से राजनीति में।
ताकत: सुप्रीम कोर्ट के जाने-माने वकील। पंजाबी बिरादरी। काडर का पूरा साथ। हाई प्रोफाइल लोगों में अच्छी पकड़। भारतीय ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष के रूप में खेलों में योगदान।
कमजोरी:बाहरी प्रत्याशी। शहरी क्षेत्र में इनेलो के प्रति नकारात्मक भाव। जमीनी स्तर पर क्षेत्र में पकड़ कम। मिलने-जुलने में कठिनाई। स्टार प्रचारकों का अभाव।