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पहचान पत्र बनवाने में आगे, मतदान में पीछे

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16वीं लोकसभा चुनाव को लेकर जिस तरह से माहौल बनाकर जागरूकता अभियान चलाया गया और लोगों से इस महायज्ञ में अपने वोट की आहुति डालने की अपील की गई, बावजूद बड़ी संख्या में लोग वोट रूपी आहुति डालने मतदान केंद्र तक नहीं पहुंचे।
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जिला प्रशासन बेशक 62 प्रतिशत मतदान होने की दुहाई दे रहा है पर हकीकत यह है कि इस संसदीय क्षेत्र में करीब साढ़े छह लाख से अधिक मतदाताओं ने वोट डालने में बेरुखी दिखाई है। ये हम नहीं बल्कि चुनाव आयोग के आंकड़ेे बता रहे हैं।

वर्ष-2009 में हुए लोकसभा चुनाव की हम बात करें तो उस वक्त भी बड़ी संख्या में लोग मतदान करने नहीं पहुंचे। इनका आंकड़ा हजारों में नहीं बल्कि लाखों में रहा।
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17 लाख से ज्‍यादा वोटर हैं फरीदाबाद में

वर्ष 2009 में फरीदाबाद संसदीय क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 11 लाख 3046 थी। इनमें से 6 लाख 25 हजार 26 मतदाताओं ने मताधिकार का उपयोग किया था। करीब 4 लाख 78 हजार वोटर मतदान करने नहीं पहुंचे।

इस बार के चुनाव में मतदाताओं की संख्या बढ़कर 17 लाख 37 हजार 881 तक पहुंच गई। इनमें से 10 लाख 67 हजार 161 वोटरों ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। जबकि 6 लाख 70 हजार 720 लोगों ने वोट नहीं डाला।

घर बैठे वोटर बड़ा उलटफेर करने की रखते हैं क्षमता

अगर हम पिछले तीन लोकसभा चुनावों की चर्चा करें तो जीतने वाले उम्मीदवारों ने साढे़ तीन लाख मत पाकर संसद पहुंचे। वर्ष-2009 में तो अवतार सिंह भड़ाना ने 2 लाख 57 हजार 864 मत पाकर सांसद बन गए थे।

यानि 6 लाख 70 हजार 720 घर बैठने वाले मतदाता चुनावी समर में बड़ा उलट-फेर करने की क्षमता रखते हैं। शहर के जाने-माने समाजशास्त्री व पूर्व मेयर डॉ. अतर सिंह का कहना है कि लोग मतदाता पहचान पत्र अपनी आईडी के लिए बनवाते हैं और विभिन्न कामों में उनका उपयोग करते हैं।

जब बात मतदान करने की आती है तो वह वोट डालने से कतराते हैं। उनका कहना है कि ऐसी व्यवस्था की जानी चाहिए कि जिसका मतदाता पहचान पत्र बनाया जाए उन्हें मतदान करने की अनिवार्यता हो।
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निचले पायदान पर रही औद्योगिक नगरी

औद्योगिक नगरी फरीदाबाद मताधिकार का उपयोग करने के मामले में प्रदेश में सबसे निचले पायदान पर रहा है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक 76.9 प्रतिशत मतों के साथ प्रदेश में सिरसा पहले नंबर है जबकि 76.3 प्रतिशत के साथ हिसार दूसरे नंबर पर है।

कुरुक्षेत्र 76.1 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर है। महज 61.4 प्रतिशत मतों के साथ फरीदाबाद सबसे निचले पायदान पर है।
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