फरीदाबाद में परिवार नियोजन के तरीके अपनाने के लिए लोगों को प्रेरित करने वाले डॉक्टरों को भी अब प्रोत्साहन राशि मिलेगी। इसके लिए प्रति केस 150 रुपये निर्धारित किए गए हैं। ऐसे में डॉक्टर परिवार नियोजन के लिए महिलाओं और पुरुषों को प्रोत्साहित करेंगे। स्वास्थ्य मुख्यालय को ऐसी उम्मीद है।
अभी तक परिवार नियोजन ऑपरेशन या इससे संबंधित अन्य तरीकों को अपनाने पर आशा वर्कर, एएनएम और संबंधित व्यक्ति को प्रोत्साहन राशि दी जाती रही है। लेकिन अब इसमें डॉक्टरों को भी शामिल कर लिया गया है।
विभाग से मिली जानकारी अनुसार ऐसा देखने में आया है कि डॉक्टर परिवार नियोजन के लिए मरीज को प्रोत्साहित नहीं करते हैं। जबकि डॉक्टरों के कहने पर व्यक्ति जल्द ही उपाय अपनाने के लिए तैयार हो सकता है। क्याेंकि डॉक्टर उपाय अपनाने के दौरान और उसके बाद क्या एहतियात बरतने हैं, क्या शारीरिक समस्या हो सकती है आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दे सकते हैं। इस वजह से अब डॉक्टरों को भी इस प्रक्रिया का हिस्सा बनाया गया है।
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. पूनम के अनुसार डिलीवरी के तुरंत बाद पीपीआईयूसीडी (पोस्ट पेलसेंटल इंट्रायूट्रीन कांट्रासेप्टिव डिवाइस) लगाने के बाद तीन साल तक बच्चे के जन्म को रोका जा सकता है। इसकी खास बात यह है कि इसके फेल होने की संभावना कम होती है। जिस कारण स्वास्थ्य मुख्यालय इस प्रयास को अधिक अमल करने पर जोर दे रहा है।
सिविल सर्जन डॉ. रामेंद्र सिंह ने बताया कि यह निर्देश मुख्यालय द्वारा जारी किए गए है। इस बारे में सभी डॉक्टरों को सूचित कर दिया गया है।