फरीदाबाद के एनआईटी दशहरा ग्राउंड के पटाखा मार्केट में भीषण आग हादसे के बाद भी प्रशासन ने सबक नहीं लिया। खानापूर्ति करने के लिए सिर्फ पटाखा बाजारों में फायर ब्रिगेड खड़ी कर दी गई। वाहन पार्किंग की व्यवस्था दूर की गई। एसडीएम ने निरीक्षण किया। जबकि स्थायी बाजारों में हालत जस की तस रही।
ओल्ड फरीदाबाद, सराय ख्वाजा, बल्लभगढ़ एवं एक नंबर में स्थिति खराब रही। उनमें फायर ब्रिगेड जाने लायक जगह नहीं थी। ओल्ड फरीदाबाद में तो संकरी गलियों में भी अतिक्रमण कर बाजार लग रहा है।
प्रदेश की सबसे बड़ी औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में तो ऐसी घटनाओं के लिए आम लोगों से लेकर सरकार तक ने इंतजाम कर रखा है। लोगों ने अतिक्रमण करके गलियों में फायर ब्रिगेड जाने लायक जगह नहीं छोड़ी है। जबकि यह औद्योगिक शहर है जहां हर गली में वर्कशॉप हैं। कैमिकल फैक्ट्रियां हैं।
शहर की 60 फीसदी से अधिक लोग संकरी गलियों वाली कालोनियों में ही बसते हैं। इनमें भी बहुमंजिला मकान बने हुए हैं। किसी भी बहुमंजिला इमारत में आग बुझाने के लिए काम आने वाली टर्नटेबल लेडर और हाईड्रोलिक प्रेशर युक्त एक भी गाड़ी पूरे अग्निशमन विभाग में नहीं है।