उस घर में गड्ढा खोदने के लिए मशीन लगी हुई थी। तभी हवलदार इस्लाम वहां पहुंच गए। उन्होंने ठेकेदार पर बोरवेल करने का आरोप लगाकर मामला दर्ज करने की धमकी दी। संजीत कुमार ने हवलदार को बताया भी कि बोरवेल नहीं कर रहे, अर्थिंग के लिए गड्ढा कर रहे हैं।
मगर हवलदार मानने को तैयार नहीं हुआ। उसने पांच हजार रुपये की मांग कर डाली। तीन दिन तक जब हवलदार संजीत कुमार को लगातार फोन करता रहा तो तीन हजार रुपये में सौदा तय हुआ। इधर संजीत ने मामले की शिकायत विजिलेंस से भी कर दी थी।
सोमवार को खेड़ीपुल के समीप पैसे देने की बात हुई थी। ठेकेदार से पैसे लेते ही वहां मौजूद ड्यूटी मजिस्ट्रेट की निगरानी में विजिलेंस इंस्पेक्टर त्रिभुवन शर्मा की टीम ने आरोपी हवलदार को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से पाउडर लगे तीन हजार रुपये भी बरामद कर लिया गया।