फरीदाबाद में मतदाताओं की सहूलियत के लिए पहली बार घर-घर जाकर पर्ची देने के लिए बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) की ड्यूटी लगाई गई थी लेकिन शिकायत के अनुसार, बीएलओ ऐसा नहीं कर रहे हैं।
मतदान के लिए पर्ची घर-घर नहीं पहुंच रही है। इसको लेकर निर्वाचन कार्यालय से लेकर बूथ तक पर हंगामा मचा हुआ है। मतदाताओं का सीधा आरोप है कि उनके साथ छलावा हो रहा है। वोट देने के लिए पर्ची निकालने के लिए नेट का सहारा लेना पड़ रहा है। इसमें भी काफी खामियां हैं।
एनआईटी के 2डी निवासी अंजना डुडेजा ने बताया कि उनका पोलिंग बूथ तिकोना पार्क स्थित राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में है लेकिन अभी तक उनके पास वोट डालने की पर्ची के लिए बीएलओ ने संपर्क नहीं किया है।
उन्होंने बताया कि पिछले चुनाव में जो मतदाता पहचान पत्र मिला था। उसके हिसाब से वोटर लिस्ट में नाम नहीं है। जबकि उनके पति रमेश का नाम है। उनके एक जेठ-जेठानी द्वारका नाथ-नीलम का नाम भी गायब है। जबकि दूसरे जेठ-जेठानी नरेश-नीलम का नाम वोटर लिस्ट में है। तीसरे जेठ ओम प्रकाश का नाम वोटर लिस्ट से गायब है। जबकि उनकी पत्नी मिथिलेश का नाम है।
चौथे जेठ नंद प्रकाश का नाम वोटर लिस्ट में गायब है लेकिन उनकी पत्नी मल्लिका का नाम इस लिस्ट में है। जबकि उनकी तीन वर्ष पहले ही मृत्यु हो चुकी है। एनआईटी विधानसभा में जवाहर कॉलोनी के 1296/2 निवासी आनंद सिंह ने बताया कि उनका बूथ नंबर 140 बीएम स्कूल है।
उनके यहां पर अभी तक कोई भी बीएलओ की पर्ची का वितरण नहीं करने आया है। नेट द्वारा पर्ची निकाली गई है। इसको देखकर हैरान रह गया। पत्नी भगवती, पुत्र पुनीत का नाम वोटर लिस्ट में है। पहली बार वोट डाल रहे छोटे बेटे अंकुश का नाम वोटर लिस्ट में गायब है।
सेक्टर-62 हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के मकान नंबर 820 निवासी गणेश शर्मा ने बताया कि उनका पोलिंग बूथ नंबर 148 है जिसे ऊंचा गांव स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला में बनाया गया है। उनके एरिया में 800 से अधिक मकान हैं। इसमें से 450 मकानों में परिवार रहते हैं। इस एरिया की बीएलओ एक महिला को बनाया गया है। लेकिन उनकी ओर से वोट की पर्ची का वितरण नहीं किया जा रहा है। निर्वाचन कार्यालय में भी इस प्रकार की शिकायतें आ रही हैं।