उसने युवती से कहा कि आगे जाम होगा, इसलिए अंदर से लेकर जा रहा है। सैनिक कॉलोनी में एक दो गलियों में घुमाने के बाद वह एक सुनसान स्थान पर पहुंचा और पिस्तौल के बल पर युवती से छेड़छाड़ करने लगा।
इस दौरान उसने युवती के कुछ कपड़े भी उतरवा लिए और दुष्कर्म का प्रयास किया। इस दौरान मौका मिलने पर युवती कार से उतरकर भाग निकली और मदद के लिए चिल्लाने लगी। इस पर कार चालक युवती का सामान फेंककर फरार हो गया।
दिनदहाड़े हुई इस घटना से पुलिस भी हतप्रभ है। पुलिस आयुक्त ने मामले की जांच के लिए क्राइम ब्रांच बदरपुर बार्डर, क्राइम ब्रांच सेक्टर-56 और एनआईटी की टीमों को आरोपी की धरपकड़ के लिए लगाया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी जिस सफेद रंग की कार में सवार था, उसके नंबर की शुरूआत आरजे (राजस्थान) सीरीज से शुरू हो रहा है। बृहस्पतिवार सुबह क्राइम ब्रांच की टीमें मेट्रो मोड़, सैनिक कॉलोनी मोड़, मस्जिद मोड़ आदि स्थानों पर संदिग्ध की तलाश में जुटी रही।
आरोपी की पहचान के लिए क्राइम ब्रांच की टीमें शहर के चौक चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने में जुटी है। मेट्रो मोड़ से लेकर सैनिक कॉलोनी चौक तक सभी सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है। हालांकि, अभी पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। पुलिस के अनुसार जिस तरह से आरोपी मेट्रो मोड़ से चलकर सैनिक कॉलोनी में दाखिल हुआ इससे उसके स्थानीय होने का शक है।
पहले भी वारदात करने की आशंका
जिस तरह से आरोपी सुबह सवारी बैठाने के दौरान पिस्तौल लेकर चल रहा है। ऐसे में पुलिस को यह भी आशंका है कि वह कहीं इस तरह से पहले भी वह कोई वारदात कर चुका हो। पीड़िता ने लोकलाज के डर से कहीं शिकायत नहीं दी होगी, जिससे अभी तक आरोपी गिरफ्तार नहीं हो सका। इससे उसके हौंसले बढ़ गए और उसने दोबारा वारदात करने का प्रयास किया।
पुलिस के नाक के नीचे चल रही अवैध टैक्सियां
मेट्रो मोड़ से रोजाना सैकड़ों अवैध टेक्सियां गुरुग्राम के लिए सवारियां बैठाती हैं। यह सारा खेल पुलिस की नाक के नीचे चल रहा है और बिना किसी सत्यापन के हो रहा है। मेट्रो मोड़ से युवती को लिफ्ट देकर उससे दुष्कर्म के प्रयास की घटना के बाद भी पुलिस हरकत में नहीं आई और बृहस्पतिवार को भी टैक्सियां चलती रही। साथ ही ट्रैफिक पुलिस की पिकेट है, जहां तैनात पुलिसकर्मी सारा दिन चालान में जुटे रहते हैं, मगर इन पर कोई कार्रवाई नहीं करते है। अवैध टैक्सियों गुरुग्राम तक फरीदाबाद और गुरुग्राम पुलिस के कई नाकों से होकर गुजरती हैं, मगर सेटिंग होने के कारण इन्हें कोई नहीं रोकता। अवैध टैक्सियों से राज्य सरकार को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।