श्रावण माह के मद्देनजर फरीदाबाद में कांवड़ियों की सुविधा के लिए कांवड़ शिविर लगाने और उनकी अनुमति के लिए दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। जिला उपायुक्त अतुल द्विवेदी ने बताया कि कांवड़ियों के कारण ट्रैफिक व्यवस्था पर असर पड़ता है। इस दौरान ट्रैफिक को सामान्य बनाए रखने के लिए भी अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए हैं।
उपायुक्त अतुल द्विवेदी ने कहा कि कांवड़ शिविर लगाने के लिए फरीदाबाद, बल्लभगढ़ और बड़खल के एसडीएम से अनुमति लेनी होगी। जिन लोगों को कांवड़ शिविर लगाना है उन्हें संबंधित एसडीएम से स्वीकृति लेनी होगी।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर-2 दिल्ली मथुरा रोड पर ट्रैफिक व्यवस्था अधिक होती है। इसके अलावा मेट्रो स्टेशन और राष्ट्रीय मार्ग पर भी काम चल रहा है, इसलिए राष्ट्रीय मार्ग पर कोई भी कांवड़ शिविर नहीं लगाया जाएगा। उन्होंने एमसीएफ, एचएसवीपी, लोक निर्माण भवन व सड़क विभाग के कार्यकारी अभियंताओं को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र के मुख्य मार्गों, जहां से जल लेकर कावड़िए अपने गंतव्य स्थानों तक जाते हैं, उनकी उचित मरम्मत सुनिश्चित करें।
उन्होंने आगे कहा की कांवड़ शिविर मुख्य सड़क से कम से कम 100 फुट की दूरी पर होना चाहिए। इसके साथ ही कांवड़ शिविर में पीछे इतनी जगह हो कि वहां कांवड़ रखा जा सके। इसके साथ ही एक कांवड़ शिविर से दूसरे कांवड़ शिविर की दूरी लगभग 2 किलोमीटर होनी चाहिए। किसी भी शिविर में स्टीरियो और डीजे की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उपायुक्त ने संबंधित थाना प्रबंधकों को भी निर्देश दिए कि जहां ट्रैफिक ज्यादा तेज हो वहां बैरिकेड लगाए जाएं। कांवड़िए भी अपने साथ गैस सिलेंडर, हॉकी, लाठी, डंडा, बेसबॉल बैट आदि नहीं रख सकेंगे। कांवड़ यात्रा मार्ग में लाउडस्पीकर डीजे आदि बजाना भी प्रतिबंधित होगा।
उपायुक्त ने कहा कि आउटर रोड बाईपास से कावड़ियों का आवागमन ज्यादा होता है, इसलिए संबंधित विभागों के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में उस सड़क की मरम्मत कराना सुनिश्चित करें, जिससे कांवड़ियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।