केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को संसद में बताया कि दिल्ली विकास प्राधिकरण की आवास योजना के कई आवेदकों ने अपने फ्लैटों को सरेंडर कर दिया है। उन्होंने लोकसभा में उठे एक सवाल का जवाब देते हुए बताया कि 2014 से 2017 तक की आवासीय योजना के अंतर्गत जिन लोगों को एक बेडरूम के फ्लैट्स आवंटित किए गए थे, उन्हें डीडीए मेंटीनेंस फंड की आधी राशि वापस लौटाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि फ्लैट सरेंडर करने वाले ज्यादातर आवेदकों ने कारण तो साफ नहीं किया है, लेकिन कुछ आवेदकों ने बताया कि उन्हें आवंटित फ्लैट का आकार छोटा था, साथ ही जिस जगह पर फ्लैट बनाए गए हैं वो भी उन्हें पसंद नहीं आई।
पुरी ने बताया कि दिसंबर 2018 से ही नरेला, सिरसपुर और रोहिणी सेक्टर 34-35 के फ्लैट में रहने वालों के लिए डीडीए ने नजदीकी बस स्टैंड से मेट्रो तक मुफ्त शटल बस सेवा की भी शुरुआत की थी। इसके अलावा दैनिक सामान की 23 दुकानें भी खुलवाईं थीं। इसके बावजूद आवेदकों ने अपने फ्लैट सरेंडर किए हैं।