कोरोना महामारी को लेकर देश भर में हुए लॉकडाउन के बीच बल्लभगढ़ व पलवल के कई गांवों के 19 लोग तिरुपति बालाजी में फंसे हुए हैं। ग्रामीण तिरुपति बालाजी में दर्शनों के लिए गए थे। वापस लौटने से पहले ही देश में लॉकडाउन हो गया। ऐसे में अब बालाजी में फंसे लोगों ने वीडियो जारी कर उन्हें वहां से वापस लाने के लिए मदद की अपील की है। पृथला क्षेत्र से विधायक नयनपाल रावत ने उस वीडियो के आधार पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल व जिला उपायुक्त यशपाल यादव को पत्र लिखा है।
बल्लभगढ़ के गांव मोहना, हीरापुर के अलावा पलवल के गांव अलावलपुर और गहलब गांव के 19 लोग 20 मार्च को बाला जी के दर्शनों के लिए तिरुपति गए थे। 22 मार्च को जनता कफ्यू के बाद देशभर में लॉकडाउन घोषित कर दिया गया। ऐसे में ये सभी लोग वहां फंस गए। इनमें अधिकांश बुजुर्ग हैं और 19 में से 14 महिलाएं हैं। लॉकडाउन होने के बाद इन सभी को वहां शेल्टर होम में रखा गया है। सभी लोग पिछले एक माह से अधिक समय से वहां फंसे हुए हैं।
अब उन्होंने वीडियो बनाकर जसरकार से मदद की अपील की है। पृथला से विधायक नयनपाल रावत ने बताया कि वीडियो वायरल होने के बाद उनके संज्ञान में यह मामला आया, जिसके बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल को इस बारे मे चिट्ठी लिखकर अवगत करा दिया गया है। जिला उपायुक्त भी इस मामले में राय ले रहे हैं और उम्मीद है कि जल्द समाधान निकल आएगा।
बहू गर्भवती है, उसके पास कोई नहीं
मोहना गांव निवासी बुजुर्ग महिला ने वीडियो वायरल कर उसमें अपील की है कि उसकी बहू गर्भवती है और घर में अकेली है। इस समय में उसे उनकी मदद की जरूरत है। ऐसे में मंत्री जी से अपील है कि हमें जल्द से जल्द यहां से निकालकर घर पहुंचाया जाए। बाला जी दर्शन करने गए लोगों में सत्यवती, शारदा, बलवंती, बिजेंद्री, राजवती, मास्टर बृजपाल, गिर्राज, ताराचंद, हेतराम, माया, सुमति, सुखवंती, विमलेश, कश्मीरा, किरण, उषा, गीता और माया शामिल हैं।
अब वहां फंसे लोगों ने वीडियो बनाकर सरकार से मदद की अपील की है। उन्हें वहां धर्मशाला में ठहराया गया है। उनका कहना है कि वहां खाने पीने की कोई परेशानी नहीं है, मगर वे घर अपने परिवार के पास पहुंचना चाहते हैं।