चिड़ियाघर में मौजूदा समय में छह बंगाल बाघ हैं, जिसमें दो शावक समेत तीन मादा बाघिन अदिति, बरखा, सिद्धि व एक नर बाघ करण शामिल हैं। करण इकलौता नर बाघ है और इसकी भी उम्र भी बढ़ रही है।
चिड़ियाघर में रॉयल बंगाल बाघों के कुनबे को बढ़ाने की कवायद शुरू हो गई है। एनिमल एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत मध्य प्रदेश के रीवा से एक नर बाघ को जल्द लाया जाएगा। कार्यक्रम के जरिये यहां से एक सफेद बाघिन को वहां भेजा जाएगा। इसे जेनेटिक पूल डायवर्स के संतुलन को बनाए रखने के लिए अहम माना जा रहा है। इसके माध्यम से रीवा में सफेद बाघिन शावक को जन्म देती है तो उसे दिल्ली चिड़ियाघर को सौंपना होगा और अगर रीवा से आए नर बाघ से शावक होता है तो उसे वहां देना होगा।
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यहां एनिमल एक्सचेंज कार्यक्रम के जरिये बीते दिनों जयपुर व हरियाणा से दुर्लभ सीका हिरण आए हैं। इसका एक जोड़ा यहां लाया गया है। जयपुर से चिंकारा का एक जोड़ा भी लाया गया है। यह चिड़ियाघर में आने वाले दर्शकों के बीच आकर्षण का केंद्र रहते हैं। इनके आने से वन्य जीव प्रेमियों व दर्शकों के बीच काफी उत्साह है।
मौजूदा समय में चिड़ियाघर में हैं 6 रॉयल बंगाल व 5 सफेद बाघ
चिड़ियाघर में मौजूदा समय में छह बंगाल बाघ हैं, जिसमें दो शावक समेत तीन मादा बाघिन अदिति, बरखा, सिद्धि व एक नर बाघ करण शामिल हैं। करण इकलौता नर बाघ है और इसकी भी उम्र भी बढ़ रही है। इसके अलावा यहां बाघिन सीता, अवनी व नर बाघ टिपू, विजय, वियोम शामिल हैं। चिड़ियाघर प्रशासन की ओर से बाघों के संरक्षण व प्रजनन की प्रक्रिया की पहल की जा रही है। यहां नर बंगाल बाघ की लंबे समय से कमी खल रही है। इस कार्यक्रम को लेकर चिड़ियाघर के अधिकारी ने बताया कि यह एक विशेष पहल है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो दर्शकों को जल्द ही नर बंगाल बाघ देखने को मिलेगा। इससे यहां नर बाघ की कमी को दूर किया जा सकता है। इससे रॉयल बंगाल बाघ के कुनबे को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
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बाघों की अदला-बदली के प्रस्ताव पर काम किया जा रहा है। प्रस्ताव लगभग पूरा होना वाला है। यह एक्सचेंज जेनेटिक पूल को विविध बनाए रखने में मदद करता है और इनके जेनेटिक विकारों के जोखिम को कम करता है। -आकांक्षा महाजन, निदेशक, चिड़ियाघर