बल्लभगढ़ के एक गांव की दो सगी नाबालिग बहनों की घरवालों ने शादी की बात चलाई, तो वह घर से ही भाग आईं। यह वही बहनें हैं जिनकी विगत अप्रैल माह में मथुरा में हो रही शादी को एक शिकायत के बाद पुलिस ने रुकवा दिया था। इसके बाद से ही दोनों बहनों को मथुरा में ही उनके मामा के घर बंधक बनाकर रखा गया था। अब दोबारा शादी की बात चली तो दोनों बहनें भागकर फरीदाबाद महिला थाने पहुंची और पुलिस से गुहार लगाई। दोनों बहनों को फिलहाल शेल्टर होम पहुंचा दिया गया है। दोनों अभी पढ़ना चाहती हैं।
यहां सेक्टर-16 स्थित महिला थाने में संरक्षण एवं बाल विवाह प्रतिरक्षण अधिकारी हेमा कौशिक को नाबालिग बहनों ने बताया कि मामा के घर उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया जाता था। उन पर 24 घंटे नजर रखी जाती थी। पिछले कुछ दिनों से फिर से उन्हें कुछ लड़के वाले देखने आने लगे थे। इसी के चलते बुधवार रात को हिम्मत कर वह दोनों मामा के घर से भाग निकली और फरीदाबाद पहुंची।
किशोरियों ने बताया कि उनके पास संरक्षण एवं बाल विवाह प्रतिरक्षण अधिकारी हेमा कौशिक का फोन नंबर था। ओल्ड चौक पर उन्होंने एक दुकानदार से फोन लेकर उन्हें फोन लगाया। हेमा कौशिक ने दोनों को महिला थाने पहुंचने के लिए कहा। दोनों रास्ता पूछते-पूछते करीब 6.30 बजे महिला थाने पहुंची। दोनों घर से नंगे पैर ही भाग आई थीं। पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि थाने में मौजूद संतरी गार्द में तैनात सिपाही राजकुमार और संजय ने दोनों को बिठाया।