सुबह 10:45 से 11:30 तक ओपीडी प्रभावित रही। इस दौरान वहां लगे सिक्योरिटी गार्ड से मरीजों की झड़प हो गई। इसके बाद दोपहर 1 बजे डॉक्टर आए। ओपीडी के बाहर सुबह 9 बजे से ही मरीजों की लंबी कतार लगी रही। अस्पताल की निदेशक संगीता माथुर ने बताया कि बच्चे को 1:30 बजे रात को लाए थे उसे सांस लेने में दिक्कत थी बेहोसी जैसी हालत में था, बच्चे को रेफर कर दिया गया था।
इसी दौरान स्ट्रेचर पर उसकी मौत हो गई और बच्चे का मेडिकल किया गया। इस दौरान बच्चे की बॉडी हैंडओवर करने में सुबह 8 बजे तक का समय लग गया। इसी बीच डॉक्टर चाय पीने गए थे तो उनके साथ मारपीट की गई। इसके विरोध में डॉक्टर अपनी सुरक्षा को लेकर निदेशक से मिलने आए थे जिसके कारण करीब आधे घंटे तक ओपीडी प्रभावित रही।