‘जम्मू के हालात बेहद भयावह हैं। ग्राउंड फ्लोर पर पानी भरा है। पहली मंजिल पर परिवार रह रहे हैं। हम जब लौट रहे थे तवी नदी पूरे उफान पर थी। हमारी ट्रेन गुजरने के आधे घंटे बाद ही पता चला कि पुल बह गया है। सुनकर रूह कांप उठी। सुरक्षित वैशाली पहुंचे तो भगवान का शुक्रिया अदा किया। लेकिन अब वहां रह रहे रिश्तेदारों की चिंता सता रही है।’
जम्मू से तबाही का मंजर देखकर लौटी वैशाली की कौल फैमिली की आंखों में आंसू तैरने लगते हैं। वैशाली सेक्टर-3 निवासी और आरडब्ल्यूए के सचिव एके कौल ने बताया कि 28 जुलाई को अपनी पत्नी प्राना के साथ वे जम्मू के रूपनगर गए थे। 20 जुलाई को उनकी सास का निधन हो गया था।
एके कौल के अनुसार बीते शुक्रवार शाम को रूपनगर स्थित घर के ग्राउंड फ्लोर पर पानी आ गया था, जिसके कारण परिवार के लोग फर्स्ट फ्लोर पर रह रहे थे।
बाढ़ के हालात देखते हुए शनिवार सुबह वे अपनी पत्नी के साथ घर से दिल्ली के लिए निकले। घर से बाहर निकले तो रेलवे स्टेशन जाने के लिए कोई ऑटो तक नहीं मिला।