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सांसों पर संकट: गिरते पारे और बढ़ते प्रदूषण का दिल पर अटैक, बढ़े 20 फीसदी मरीज, 30 साल वाले करा लें जांच

Thu, 03 Nov 2022 09:40 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एम्स, आरएमएल, सफदरजंग, जीबी पंत अस्पताल में रोजाना सैकड़ों मरीज उपचार करवाने आते हैं। नवंबर से जनवरी के बीच इन मरीजों की संख्या 20 से 30 फीसदी तक बढ़ जाती है। डॉक्टरों की माने तो ठंड और प्रदूषण दिल के मरीजों के लिए घातक है।
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बढ़ता प्रदूषण दिल के मरीजों के लिए खतरनाक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली में गिरते पारे के साथ लगातार बढ़ रहा प्रदूषण दिल के मरीजों की समस्या को बढ़ा रहा है। इससे लोगों के फेफड़े तो खराब हो ही रहे हैं, साथ ही प्रदूषण के छोटे-छोटे कण फेफड़ों (पहली छन्नी) को पार कर धमनियों के माध्यम से दिल तक पहुंच रहे हैं। इससे कोरोनेरी हार्ट रोग, हार्ट फेल, एरिथिमियास होने की आशंका बढ़ गई है। पहले से दिल की बीमारी से जूझ रहे लोगों की समस्या और बढ़ रही है। 

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प्रदूषण एक साइलेंट किलर
एबीवीआईएमएस और डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग के डॉक्टर तरुण कुमार ने कहा कि अस्पताल आने वाले दिल के मरीजों की संख्या 20 फीसदी तक बढ़ गई है। प्रदूषण एक साइलेंट किलर है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण के कारण इस्केमिक हृदय रोग, हार्ट फेलियर, दिन का दौरा पड़ने की आशंका बढ़ जाती है। बुजुर्ग, धूम्रपान करने वाले, मधुमेह और हृदय रोगी को इस दौरान विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।

30 साल के बाद एक बाद दिल की जांच जरूर करवा लें
वहीं, एम्स के पूर्व डीन व सीनियर काडियोलॉस्टि डॉ. वी. के. बहल ने कहा कि इस बार ठंड के साथ दिल के मरीजों के लिए प्रदूषण और पोस्ट कोविड भी बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि 30 साल के बाद एक बाद दिल की जांच जरूर करवा लेनी चाहिए। साथ ही बिना किसी डॉक्टर के सलाह के दवाई या स्टेरॉयड का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। जीबी पंत अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. विजय त्रेहन ने कहा कि प्रदूषण के छोटे-छोटे कण हमारे फेफड़ों को पार कर दिल तक पहुंच जाते हैं, जो हमारे लिए काफी घातक हैं। इसके कारण दिल का सिकुड़ने तक लगता है।

उपचार के लिए आते हैं रोजाना सैकड़ों मरीज
एम्स, आरएमएल, सफदरजंग, जीबी पंत अस्पताल में रोजाना सैकड़ों मरीज उपचार करवाने आते हैं। नवंबर से जनवरी के बीच इन मरीजों की संख्या 20 से 30 फीसदी तक बढ़ जाती है। डॉक्टरों की माने तो ठंड और प्रदूषण दिल के मरीजों के लिए घातक है।
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ये बरतें सावधानी
बाहर जाने पर करें एन -95 मास्क का इस्तेमाल
हवा को शुद्ध करने वाले पौधों का रोपण
बुजुर्ग व बच्चे प्रदूषण वाले जगहों से दूर रहें
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