पूछताछ में अमन ने बताया कि उसने अपने जानकार एजेंट पानीपत निवासी अमित व हिसार निवासी योगेश से वीजा बनवाया था। इसके लिए उसने 20 लाख रुपये का भुगतान किया। एसआई सुमित कटारिया की टीम ने जांच के बाद कुराना इसराना पानीपत हरियाणा निवासी अमित कुमार उर्फ मिता और कैप्टन स्कूल के पास, शिव नगर हिसार, हरियाणा निवासी योगेश कुमार उर्फ योगी को गिरफ्तार कर लिया। इन्होंने बताया कि वह एक वर्ष से वरुण चौहान उर्फ अरुण शर्मा उर्फ शर्माजी के नाम के एक एजेंट के लिए काम कर रहे थे। वह विदेश जाने वाले लोगों का फर्जी वीजा बनवाता था। पुलिस ने वरुण को लुकआउट नोटिस जारी कर कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया। वह भारत छोड़कर थाईलैंड भाग रहा था।
नौकरी छोडने के बाद गोरखधंधा करने लगा
सेलर की नौकरी छोड़ने के बाद वरुण फर्जी वीजा बनाने का गोरखधंधा करने लगा। इसे कनाडा, वियतनाम और रशिया आदि देशों में लेबर मैनेजमेंट और एंप्लॉयमेंट के काम की जानकारी थी। इसने कई फर्जी वेबसाइट बनाईं। इसके जरिए लोगों को विदेश में जॉब देने के लिए संपर्क करना शुरू किया। इसके नेपाल व अफगानिस्तान के साथ-साथ अफ्रीकन देशों में एजेंट थे। वह फर्जी वीजा बनाने के लिए कुणाल शाह और दूसरों की मदद लेता था। पुलिस कुणाल का पता कर रही है। वरुण से बरामद लैपटॉप को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।