फैक्टरी से बरामद सैनिटाइजर की बोतल पर 99.99 प्रतिशत बैक्टीरिया खत्म करने का दावा किया जा रहा था। अधिकारियों का कहना है कि कोई भी सैनिटाइजर यह काम नहीं कर सकता है। इसके अलावा कोरोना वायरस को खत्म करने का डिक्लेयरेशन भी प्रोडक्ट पर किया जा रहा था। अधिकारियों का कहना है कि कोरोना को लेकर चल रही अफरातफरी का लाभ उठाकर प्रतिदिन की करीब दो हजार बोतल गाजियाबाद और आसपास के शहरों में सप्लाई की जा रही थीं।
सैनिटाइजर में केवल स्प्रिट और अल्कोहल
फैक्टरी में बनने वाले सैनिटाइजर में केवल स्प्रिट और अल्कोहल का प्रयोग हो रहा था। ड्रग इंस्पेक्टर पूरन चंद ने बताया कि नकली सैनिटाइजर हाथ पर लगाने पर अलग ही महसूस हो जाता है। इससे हाथों पर सूखापन बढ़ता है और त्वचा के लिए भी यह खतरनाक है। उन्होंने बताया कि फैक्टरी को सील कराया गया है। आरोपियों पर ड्रग और कॉस्मेटिक एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।