दो आरोपी गिरफ्तार, पंजीकरण, होटल, मालिश किट के शुल्क के नाम पर की ठगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। साइबर थाना पुलिस ने जॉब के नाम पर ठगी करने वाले एक रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों हिमांशु झांगरा ( 25) और विशाल (19) को गिरफ्तार किया है। आरोपी युवाओं को जिगोलो बनने की फर्जी जॉब ऑफर कर करते थे और संपर्क करने पर वह पंजीकरण, होटल, मालिश किट के शुल्क के नाम पर उन्हें ठगते थे। आरोपियों के पास से 4 मोबाइल और 2 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।
मध्य जिला पुलिस उपायुक्त निधिन वलसन ने बताया कि शिकायतकर्ता ने राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायत की थी कि वह दिल्ली के इंद्रलोक में एक जूते की दुकान में सेल्समैन के रूप में काम करता है। वह पार्टटाइम जॉब की तलाश कर रहा था। उसी समय उसने जिगोलो की नौकरी के विकल्प तलाशे और एक संपर्क नंबर मिला। आरोपी ने प्रति सेवा यात्रा एक आकर्षक पैकेज का वादा किया था। इसके बाद पीड़ित से पंजीकरण शुल्क, होटल शुल्क, मालिश किट शुल्क, कैब शुल्क, जीएसटी आदि के रूप में 27,135 रुपये ले लिए गए, लेकिन कोई जॉब नहीं मिली। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने एनसीआरपी पर शिकायत दी।
शिकायत पर मामला दर्जकर साइबर थानाध्यक्ष संदीप पंवार, एसआई गौरव सिंह व हवलदार की टीम ने जांच शुरू की। जांच के दौरान मिली जानकारी के आधार पर दबिश देकर पुलिस टीम ने नांगलोई निवासी हिमांशु झांगरा और विशाल को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने फर्जी पहचान पत्र के जरिये मोबाइल और सिम कार्ड खरीदे थे। वह मुफ्त वर्गीकृत वेबसाइटों पर जिगोलो की नौकरियों के लिए झूठी लिस्टिंग पोस्ट करते थे।
शर्म के कारण कोई शिकायत नहीं करेगा
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि यह पैसा कमाने का उन्हें आसान तरीका लगा। उन्हें लगता था कि इस प्रकार की ठगी में पीड़ित सामाजिक शर्मिंदगी के कारण पुलिस से संपर्क नहीं करेंगे और वह कभी पकड़े नहीं जाएंगे। आरोपियों में से एक हिमांशु ने स्वीकार किया कि वह खुद दो साल पहले इसी तरह की ठगी का शिकार हुआ था, जिस कारण उसने भी यही आपराधिक तरीका अपनाया।