स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त राजीव रंजन सिंह ने बताया कि उनकी टीम को पिछले करीब चार माह से इनपुट मिल रहे थे कि नकली नोटों का कारोबार करने वाला एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह देश में एक्टिव है। नोटबंदी के बाद इस तरह के नेटवर्क बिल्कुल खत्म हो गए थे। लेकिन समय बीतने के साथ ही पड़ोसी देशों ने भारत को नुकसान पहुंचाने का काम दोबारा शुरू कर दिया था। जांच के दौरान टीम को शुक्रवार को सूचना मिली कि नकली नोटों का धंधा करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का बदमाश दिलशाद गार्डन मेट्रो स्टेशन के पास आने वाला है।
सूचना के बाद पुलिस ने जाल बिछाया। इसी बीच दोनों बदमाश अपने किसी साथी को नोट सप्लाई करने पहुंचे। पुलिस ने दोनों को मौके पर दबोच लिया। इनके पास बैग से दो-दो हजार के नकली नोट बरामद हुए। पूछताछ के दौरान दोनों ने बताया कि यह मालदा पश्चिम बंगाल से नोट लेकर दिल्ली आए हैं। इनके पास से कुल दो हजार के 200 नोट बरामद हुए।