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पुलिस ने इस फैक्टरी पर डाली रेड, 20 लाख की नकली सिगरेट बरामद

Sat, 14 Jul 2018 10:00 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला, नोएडा
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सेक्टर-49 पुलिस ने आगाहपुर में नकली सिगरेट बनाने की फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है। यहां से पुलिस ने 20 लाख रुपये की नकली सिगरेट बरामद की है। यहां सभी ब्रांड की नकली सिगरेट बनाई जाती थी। आरोपियों ने नोएडा से इलाहाबाद और बिहार के मुजफ्फरपुर तक ट्रेन के जरिये कारोबार फैला रखा था। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार करके इनके कब्जे से कंपनियों के असली रेपर के अलावा ढाई किलो गांजा भी बरामद किया है। गांजे को सिगरेट में मिलाया जाता था।

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एसपी सिटी अरुण कुमार सिंह के अनुसार, सूचना मिली थी कि सेक्टर-49 के आगाहपुर निवासी वीरपाल भाटी के मकान को किराये पर लेकर कुछ लोगों ने सिगरेट की फर्जी कंपनी चला रखी है। सीओ श्वेताभ पांडेय और इंस्पेक्टर अवनीश दीक्षित के नेतृत्व में पुलिस ने जांच की तो मामला सही मिला। पुलिस ने शुक्रवार देर रात को छापेमारी की तो वहां पर दो फैक्टरी संचालक मैनपुरी निवासी अशोक कुमार और दिल्ली करावल नगर निवासी विजय शर्मा मिले। इसके अलावा पांच मजदूर मिले। जांच के बाद मजदूरों का दोष नहीं पाए जाने पर उनको छोड़ दिया गया। 

रेल में बिल्टी बदलकर भेज रहे थे नकली सिगरेट
आरोपी विजय गाजियाबाद रेलवे में एक सरकारी कर्मचारी के साथ काम करता था। उसके माध्यम से असली सिगरेट की बिल्टी में हेरफेर करके नकली सिगरेट रेल में पहुंचाई जाती थी। इससे 10 रुपये के खर्च में बनने वाली सिगरेट 100 से 150 रुपये में बेच दी जाती थी। जबकि असली सिगरेट फ्री में मिल जाती थी और अच्छे होटल या अन्य स्थानों पर इसे खपा दिया जाता था। जिन कंपनियों के रेपर अधिक मिले हैं उनमें रेड एंड व्हाइट, गोल्ड फ्लैक, केवेंडर्स का कच्चा माल अधिक मिला है। जबकि कई अन्य ब्रांड के भी रेपर और अन्य सामान बरामद किया गया है।

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असली कंपनी से मंगाया जाता था कच्चा माल
पुलिस की मानें तो यह बड़ा रैकेट है और इसमें काफी लोग शामिल हैं। नकली सिगरेट की नोएडा के अलावा अन्य जगहों परे भी फैक्ट्रियां चलाई जा रही हैं। नकली कंपनी चलाने वालों ने असली कंपनी के लोगों से सांठगांठ कर रखी थी, ताकि वहां से असली रेपर और अन्य पैकिंग समेत सामान को मंगाकर नकली सिगरेट बनाई जा सके। जिन मशीनों से पैकिंग की जाती है वह भी असली कंपनी में चलने वाली ही ब्रांड की मशीनें हैं।

गांजा डालकर बनाई जाती थी सिगरेट
तंबाकू में गांजा मिलाकर नकली सिगरेट तैयार की जाती थी। एक बार जो व्यक्ति नकली सिगरेट का सेवन कर लेता था तो वह उसी स्टॉल से सिगरेट खरीदता था। कई बार लोग एक-दो नहीं, बल्कि कई-कई बंडल तक खरीदकर ले जाते थे। विशेषकर छात्रों को इसे बेचा जाता था।
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