खुद को बिसरख थाने के पुलिस अधिकारी का रिश्तेदार बताकर दबंगों ने शहर के एक स्क्रैप व्यापारी की करोड़ों की संपत्ति पर कब्जा कर उसे बेघर कर दिया। आरोप है कि पुलिस की शह पर व्यापारी से डेढ़ करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई है। परिवार के बच्चों का स्कूल जाना बंद हो गया है। शिकायत करने गए पीड़ित को थाने से भगा दिया गया। पीड़ित ने एसपी देहात से न्याय की गुहार लगाई है।
सेक्टर डेल्टा वन निवासी धर्मेंद्र सिंह स्क्रैप व्यापारी है। उनका गोदाम बिसरख कोतवाली क्षेत्र के चिपियाना गांव में है। धर्मेंद्र के मुताबिक, 2012 में एक जानकार के साथ मिलकर एक फैक्टरी खरीदी थी। धर्मेंद्र ने 50 लाख और पार्टनर ने 60 लाख रुपये लगाए थे।
इसमें 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ था, जिसके लिए पार्टनर ने धर्मेंद्र से घाटे का कई गुना रकम वसूल की। धर्मेंद्र ने रकम देकर लेनदेन खत्म कर दिया। इसके बाद भी पार्टनर उसके भाई और रिश्तेदार आए दिन धर्मेंद्र से रंगदारी मांगते आ रहे है।
पीड़ित का आरोप है कि अब तक चार करोड़ रुपये से भी ज्यादा रंगदारी वसूली जा चुकी है, जिसे चुकाने में उस पर 3 करोड़ का कर्ज हो गया है। अभी भी रंगदारी मांगी जा रही है। उसके गोदाम और घर की प्रॉपर्टी पर जबरन लिखवा कर कब्जा जमा रखा है।
एसपी देहात अभिषेक यादव का कहना है कि इस संबंध में सूरजपुर थाने में भी एक मामला दर्ज है। अब पीड़ित की शिकायत पर मामले की जांच मैं खुद कर रहा हूं। इसमें यदि बिसरख पुलिस की भूमिका सामने आती है तो संबंधित पुलिस अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।