एक्सप्रेसवे पुलिस ने सेक्टर-10 में नौकरी दिलाने के नाम पर एक फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया है। पुलिस ने इस कॉल सेंटर के सह संचालक सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जबकि मुख्य संचालक सुमित कुमार चौहान फरार हो गया। इन सभी के पास से 14 मोबाइल, 2 लैपटॉप, 7 वायरलेस, 15 सिम सहित अन्य कागजात बरामद हुए हैं।
पुलिस ने शुक्रवार को सेक्टर-10 स्थित सी ब्लॉक में एक कॉल सेंटर पर छापेमारी की थी। पुलिस का कहना है कि घर बैठे नौकरी दिलाने के नाम पर यहां से ठगी की जाती थी। इसके लिए युवक युवतियों को फोन कर बुलाया जाता था और पैसे लेकर नौकरी का झांसा देने के एवज में पैसे लिए जाते थे। पुलिस ने हिंडन विहार निवासी अक्षय त्रिपाठी, बदायूं निवासी संदीप, गांधी नगर दिल्ली निवासी अंकित, प्रतापगढ़ निवासी तनुज, सेक्टर-31 निवासी सूरज व दीपक और अशोक नगर निवासी कुणाल कोहली को गिरफ्तार कर लिया।
पकड़े गए आरोपियों में ज्यादतार नए कर्मचारी
गिरफ्तार आरोपियों में अधिकतर ऐसे कर्मचारी हैं जिन्होंने 10 दिन से लेकर एक महीने पहले ही इस कॉल सेंटर को ज्वाइन किया था। ये कर्मचारी पहली बार नौकरी कर रहे थे और इन्हें 10 हजार रुपये का वेतन मिलना तय हुआ था। आरोप है कि पुलिस ने गुडवर्क दिखाने के लिए कर्मचारियों को पकड़ लिया।
खाते में नहीं मिले पैसे
पुलिस का दावा है कि यह कॉल सेंटर पिछले तीन महीने से चल रहा था और सैकड़ों लोगों के साथ ठगी कर चुका था। हालांकि पुलिस ने इन आरोपियों के पास से कोई एक रुपये की बरामदगी नहीं कर सकी। न ही इनके खातों में पुलिस को पैसे मिले।
चार महीने बाद एक्सप्रेस वे पुलिस का पहला गुडवर्क
चार महीने के बाद एक्सप्रेसवे पुलिस को का कोई बड़ा गुडवर्क हुआ। इस पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। इससे पहले केवल शराब और जुए के नाम पर कुछ लोगों की गिरफ्तारी कर खानापूर्ति होती रही। जबकि एक्सप्रेसवे थाना क्षेत्र में कार लूट, रोडरेज, छेड़खानी की कई वारदात हो चुकी हैं। वहीं अवैध खनन की भी लगातार शिकायतें मिल रही हैं।