ग्रेटर नोएडा में कासना कोतवाली क्षेत्र के कौंडली गांव के जंगल में 22 पशुओं को तस्कर छोड़कर भाग गए। इनमें दो मरे हुए थे। बुधवार सुबह ग्रामीणों ने जब पशुओं को देखा तो उन्होंने पुलिस को फोन किया।
करीब आधे घंटे बाद पुलिस पहुंची। इस पर ग्रामीणों ने एक घंटे तक नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे को जाम कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाकर जाम खुलवाया।
मंगलवार रात ग्रामीणों ने एक कैंटर को कौंडली गांव के जंगल की ओर आता देखा था। सुबह ग्रामीणों को जंगल में 22 पशु मिले, जिनमें दो मर चुके थे और 20 अधमरी हालत में थे। इसके बाद श्यामवीर प्रधान, अनिल चौधरी, विजय कसाना, जतन भाटी, सुंदर, सरदा, राजू भाटी और चेनपाल बिरौंडा समेत काफी लोग मौके पर पहुंच गए।
पुलिस जानकारी मिलने के करीब आधे घंटे बाद पहुंची। इससे नाराज होकर ग्रामीणों ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे को जाम कर दिया। ग्रामीणों ने करीब एक घंटे तक जाम लगाए रखा।
जाम की सूचना पर एसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह, एसडीएम सदर बच्चू सिंह, सीओ ओपी त्रिपाठी, सीओ अनुराग सिंह और सीओ अरविंद कई थानों के पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे। अफसरों ने ग्रामीणों को समझाकर जाम खुलवाया। एसपी और एसडीएम ने बीमार पशुओं को जिला अस्पताल भिजवाया।
छात्रों को पैदल जाना पड़ा कॉलेज
सेक्टर-150 के सामने लगे जाम के कारण नोएडा से आने वाले छात्रों को कॉलेज के लिए पैदल ही दौड़ लगानी पड़ी। वहीं, नोएडा आने-जाने वाले लोगों को रास्ते में जाम लगने के कारण वापस लौटना पड़ा और 20 मिनट के रास्ते को तय करने में दो घंटे से अधिक समय लगा। हालांकि, परीचौक पर पुलिस ने कुछ देर के लिए रूट डायवर्ट करके नोएडा के लिए वाया सूरजपुर रोड पर वाहनों को भेजा।
पुलिसकर्मियों ने लगाया कार में धक्का
सेक्टर-150 के नजदीक सर्विस रोड पर ही आई-20 कार को एक व्यक्ति खड़ी करके चला गया। लेकिन करीब दो घंटे तक वह वापस नहीं आया और उसी समय जाम लग गया। मजबूरी में पुलिसकर्मियों को ही बंद कार को धक्का लगाकर किनारे खड़ा किया।
ज्ञापन सौंपकर दी चेतावनी
कौंडली गांव के लोगों ने एसपी और एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर कहा है कि अब तक उनके जंगल में तीन बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि अगर इस बार कोई घटना हुई तो पुलिस के खिलाफ ही आंदोलन चलाया जाएगा।