विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य तौर पर शरीर के अंदर का तापमान अमूमन 37 डिग्री सेल्सियस रहता है। बाहर का तापमान इसके आसपास होने पर कोई दिक्कत नहीं होती। लेकिन अगर तापमान बढ़कर 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाता है और इंसान इसके संपर्क में रहता है तो शरीर से, खासतौर पर कांख से अत्यधिक पसीना निकलता है। इससे शरीर अपने अंदर और बाहर के तापमान तालमेल बिठा लेती है। लेकिन इस वक्त कई मामलों में देखा जा रहा है कि लोगों को तेज धूप में या बाहर रहने पर भी पसीना नहीं निकलता। यह लू लगने के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लोगों को विशेष ध्यान देना चाहिए।
इन दिनों दिल्ली-एनसीआर का तापमान 44 डिग्री से ऊपर बना हुआ है। यह शरीर की रचना विज्ञान से करीब 17 डिग्री अधिक है। ऐसे तापमान में खुले में या धूप में रहने से शरीर को नुकसान हो सकता है। इससे बचने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक बाहर न निकलने की सलाह दी है।
डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में मेडिसिन विभाग के निदेशक प्रोफेसर डॉ. सुभाष गिरी ने कहा कि पसीना शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है। यदि धूप में रहने के बाद भी यह क्रिया प्रभावित होती तो सतर्क हो जाना चाहिए। इन दिनों ऐसे कई मरीज आ रहे हैं जिनमें ऐसे लक्षण दिख रहे हैं। ऐसे मरीजों को अत्यधिक कमजोरी, थकान, सिर में दर्द, आंखें लाल व दूसरे लक्षण दिख सकते हैं।
वहीं लोकनायक अस्पताल की आपातकालीन विभाग की प्रमुख डॉ. रितू सक्सेना ने कहा कि इस दिनों लू से पीड़ित होकर बढ़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। इन मरीजों में उल्टी, चक्कर आना, बेहोश होना, अत्यधिक कमजोर होना सहित अन्य शिकायत आ रही है। इन मरीजों को तुरंत उपचार दिया जाता है।