कीमो डे केयर विभाग से चार इंजेक्शन गायब मिले
अस्पताल की ओर से शुक्रवार को पुलिस को शिकायत दी गई थी। शिकायत विभागाध्यक्ष और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पंकज त्यागी ने की है। इसमें बताया गया कि 6 अक्तूबर को कीमो डे केयर विभाग के फ्रिज में रखे निमोटुजुमैब के चार इंजेक्शन गायब मिले।
लाखों की कीमत के हैं इंजेक्शन
अस्पताल ने इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कि निमोटुजुमैब एक महंगी दवा है, जिसका इस्तेमाल सिर और गर्दन सहित कुछ प्रकार के कैंसर के इलाज में किया जाता है। पुलिस अधिकारी के अनुसार, अस्पताल ने शिकायत में चोरी हुई दवाओं की कीमत नहीं बताई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, निजी बाजार में एक इंजेक्शन की कीमत लाखों रुपये तक हो सकती है। हालांकि, अस्पताल ने इन इंजेक्शनों को किस कीमत पर खरीदा था, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
35 हजार सोफोसबुविर टैबलेट गायब होने का भी मामला
अस्पताल से सोफोसबुविर की करीब 35 हजार टैबलेट गायब होने की बात भी सामने आई है। इस दवा का इस्तेमाल हेपेटाइटिस-सी के इलाज में किया जाता है। बाजार में 400 मिलीग्राम की 28 टैबलेट वाली एक स्ट्रिप की कीमत करीब 10 हजार से 13 हजार रुपये बताई जा रही है।
पुलिस ने शिकायत के बाद शुरू की जांच
हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि अस्पताल की ओर से दी गई शिकायत में इस दवा का उल्लेख नहीं है। इसलिए जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि टैबलेट वास्तव में गायब हुई हैं या नहीं और इस मामले में क्या तथ्य सामने आते हैं।जीटीबी एन्क्लेव पुलिस थाना में इस मामले में एफआईआर दर्ज की है।
पुलिस अब दवाओं के रखरखाव, भंडारण और उनके गायब होने से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जाएगा कि इस घटना में किसी कर्मचारी की भूमिका है या इसके पीछे कोई गिरोह काम कर रहा है। फिलहाल किसी की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है।