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गृहणियों को इस बजट से है ये उम्मीद, क्या पूरा कर पाएगी सरकार

Wed, 25 Jan 2017 12:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
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Budget
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गृहणियों का कहना है कि बीते एक साल में रसोई का खर्च बहुत बढ़ गया है। इस पर नियंत्रण के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। नीतियां ऐसी होनी चाहिए जिससे खाद्य सामग्री सस्ती हों। हर वर्ग के लोगों को फल, सब्जी, दूध आदि मिल सके।
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गृहणियों का मनाना है कि रसोई का खर्च कम होने से परिवार की बचत बढे़गी। वह चाहती हैं कि जो कमजोर आर्थिक वर्ग के लोगों के लिए बजट में सस्ते रेट पर राशन उपलब्ध कराने की व्यवस्था होनी चाहिए। केंद्रीय बजट को लेकर पेश है गृहणियों की राय। 

सरकार ऐसी व्यवस्था करे जिससे दालों के रेट कम हो। अगर जमाखोरी की दिक्कत है तो उस पर कार्रवाई हो। दूध और फलों के दाम भी बहुत ज्यादा बढ़े हुए हैं। इनके भी रेट कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।- आरती शर्मा, सेक्टर वीटा-टू निवासी।
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जिस तरह से केंद्र सरकार ने नोटबंदी का फैसला लिया है उसी तरह आम वर्ग के लोगों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए सरकार खाद्य सामग्री पर से टैक्स हटाए। जिससे सभी लोग अच्छा खाना खा सके।-  रीना सिंह, निवासी,  सेक्टर डेल्टा वन।
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उम्मीद है टैक्स का बोझ कम होगा

टैक्स - फोटो : Demo
रसोई गैस के रेट और कम होने चाहिए। इसके लिए अगर टैक्स में कमी करने की जरूरत हो तो वह भी करना चाहिए। उम्मीद है कि जीएसटी लागू होने से व्यापारियों पर टैक्स का बोझ कम होगा, जिससे खाद्य उत्पादों के दाम भी कम होंगे।- वीना भाटी, निवास, डेल्टा वन 

डीजल के दाम कम करने पर सरकार निर्णय करे। डीजल का रेट बढ़ने से ही सभी चीजों के दाम बढ़ जाते हैं। रसोई के सामान पर असर पड़ता है। आटा, सरसों का तेल और दाल का रेट घटाने की जरूरत है। -अनुराधा, सेक्टर अल्फा वन  

सरकार की तरफ से नोटबंदी के फैसले के बाद केंद्रीय राजस्व में इजाफा हुआ है। इसका फायदा पब्लिक को मिलना चाहिए। सरकार के पास मौका है कि टैक्स की दरों को कम करे। जीएसटी को लागू कर सरकार को पब्लिक का फायदा पहुंचा सकती है। - नूतन भाटी, एमडी, ऑक्सफोर्ड ग्रीन।
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