दिल्ली में अनधिकृत कॉलोनियों तक बुनियादी सेवाएं पहुंचाना लंबे समय से चुनौती रहा है, जिसे अब दिल्ली सरकार ने प्राथमिकता देने का फैसला लिया है। मंगलवार को पेश बजट में सरकार ने अनधिकृत कॉलोनियों में सड़क, पानी, जलापूर्ति और सीवेज जैसी सुविधाएं देने के लिए 1600 करोड़ रुपये का आवंटन किया है।
इसमें से 600 करोड़ रुपये सरकार जलापूर्ति और सीवरेज सिस्टम पर खर्च करेगी। सरकार का कहना है कि इससे दिल्ली के लाखों स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सुधार आएगा।
दिल्ली सरकार ने बजट 2019-20 में आवास और शहरी विकास की योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए 3914 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा है। सरकार के अनुसार वर्ष 2018-19 के बजट में आवास और शहरी विकास के लिए 2932 करोड़ रुपये का बजट था, जिसमें अब करीब 33.49 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
गरीबों को आशियाना देने पर भी जोर
करीब 52 हजार गरीबों को आशियाना देने के लिए सरकार ने 600 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) के जरिए सरकार चार भवन निर्माण परियोजनाएं भी शुरू करने जा रही हैं। दिल्ली सरकार 5310 रिहायशी इकाइयों के निर्माण पर अब तक 200 करोड़ रुपये खर्च भी कर चुकी है।
विधायकों को मिली पावर, बजट में बढ़ोतरी
दिल्ली सरकार ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में बुनियादी विकास के लिए बजट में बढ़ोतरी की है। अभी तक विधायकों की अनुशंसा से ये विकास कार्य कराए जाते रहे हैं, जिनके लिए सरकार सालाना चार करोड़ रुपये देती है। लेकिन 2019-20 के बजट में 10 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके अलावा झुग्गी झोपड़ियों में रहने वालों के लिए डूसिब ने 640 जनसुविधाएं तैयार की हैं, जिनका इस्तेमाल जनवरी 2018 से निशुल्क किया जा रहा है।