बजट भाषण में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने पुराने सरकारी दस्तावेजों को लेकर बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि देश में पहली बार दिल्ली ने सरकारी दस्तावेज के डिजिटलाइजेशन पर काम शुरू कर दिया है। सरकार 200 साल पुराने दस्तावेज को ऑनलाइन करने जा रही है।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि 4 में से 2 करोड़ सरकारी दस्तावेज को डिजिटलाइजेशन से जोड़ चुकी है। इनमें से 60 लाख दस्तावेज को दिल्ली सरकार ने अपनी वेबसाइट पर उपलब्ध भी करा दिया है।
ये दस्तावेज संपत्ति और जमीन से जुड़े कागजात हैं, जिन्हें प्राप्त करने के लिए अक्सर लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। कई बार लोगों को घंटों लाइन में लगने के बाद भी पुराने कागजात उपलब्ध नहीं हो पाते। उन्होंने ये भी कहा कि आने वाले दिनों में 4 करोड़ दस्तावेज को उपलब्ध करा दिया जाएगा।
उन्होंने ये भी बताया कि 60 लाख दस्तावेज को हाईटैक सर्च सुविधा के साथ उपलब्ध कराया है। आम आदमी की जिंदगी में यह कदम इसलिए भी मायने रखता है कि क्योंकि जमीन और संपत्ति से जुड़े कागजात की उसे हमेशा जरूरत पड़ती है।
लेकिन अब ये दिल्ली वालों के लिए एक क्लिक और एक सर्च पर उपलब्ध है। उन्होंने यहां तक कहा कि दिल्ली सरकार का ये फैसला आने वाले समय में अवैध और अघोषित संपत्ति के काले धंधे को रोकने में भी बहुत बड़ा कदम साबित होगा।