दिल्ली की राउज़ एवेन्यू अदालत ने सोमवार को रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया। उनके साथ सह-आरोपी विनोद तोमर को भी महिला पहलवानों द्वारा दर्ज कराए गए यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपमुक्त किया गया। एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अश्विनी पंवार ने यह फैसला सुनाया। यह मामला छह महिला पहलवानों की शिकायत पर आधारित था।
अदालत के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए सिंह ने कहा कि उन्हें और तोमर को सम्मानजनक तरीके से बरी किया गया है। उन्होंने दोहराया कि पहले दिन ही उन्होंने कहा था कि आरोप साबित होने पर वह फांसी लगा लेंगे। अब वह इस फैसले से खुश हैं और अपने वकीलों के आभारी हैं। पूर्व BJP सांसद ने विस्तृत आदेश देखने के बाद ही आगे कोई टिप्पणी करने की बात कही। हालांकि, लोक अभियोजक मनीष रावत ने कहा कि विस्तृत आदेश की जांच के बाद ऊपरी अदालतों में उचित कार्रवाई की जाएगी। अभियोजन पक्ष इस फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दे सकता है।
सुनवाई प्रक्रिया
मुकदमे की सुनवाई बंद कमरे में हुई थी और मीडिया को अदालत कक्ष में आने की अनुमति नहीं थी। आदेश सुनाए जाने के कुछ ही देर बाद सिंह के वकील ने पत्रकारों को उनके बरी होने की पुष्टि की। छह महिला पहलवानों द्वारा दर्ज कराए गए इस मामले में अंतिम बहस पूरी हो चुकी थी। अदालत ने 2 जुलाई को आदेश को सुरक्षित रख लिया था। यह आदेश 3 अगस्त को सुनाया गया।
पूर्व के आदेश और आरोप
मई 2024 में अदालत ने सिंह के खिलाफ आपराधिक धमकी का आरोप तय करने का आदेश दिया था। हालांकि, छह महिला पहलवानों में से एक की शिकायत के मामले में उन्हें आरोपमुक्त कर दिया गया था। दिल्ली पुलिस ने छह बार सांसद रहे सिंह के खिलाफ 15 जून को चार्जशीट दाखिल की थी। यह चार्जशीट भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दायर की गई थी।
भारतीय दंड संहिता की धाराएं
चार्जशीट में भारतीय दंड संहिता की धारा 354, 354A, 354D और 506 शामिल थीं। धारा 354 महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से हमला या आपराधिक बल के प्रयोग से संबंधित है। धारा 354A यौन उत्पीड़न के आरोप से जुड़ी है। धारा 354D पीछा करने या स्टॉकिंग के लिए है। वहीं, धारा 506 आपराधिक धमकी से संबंधित है। इस मामले में महिला पहलवानों के प्रदर्शन से लेकर बृजभूषण शरण सिंह के हटने और बरी होने तक पूरी कहानी।
इस मामले में महिला पहलवानों के प्रदर्शन से लेकर बृजभूषण शरण सिंह के हटने और बरी होने तक पूरी कहानी।
यह था पूरा मामला
- यह मामला 18 जनवरी 2023 को शुरू हुआ था और इसमें कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुए। करीब 30 पहलवानों ने भारतीय कुश्ती महासंघ के तत्कालीन अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ जंतर मंतर पर धरना दिया। विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया इनमें शामिल थे। बृजभूषण पर पहलवानों ने यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए थे। खेल मंत्रालय ने उसी समय एक समिति का गठित की थी।
- 21 अप्रैल 2023 को दिल्ली पुलिस को नाबालिग समेत सात महिला पहलवानों ने यौन शोषण की शिकायत दी थी। इसके बाद पहलवानों ने उच्चतम न्यायालय का भी रुख किया था।
- 4 मई 2023 को उच्चतम न्यायालय में मामले की सुनवाई हुई। अदालत ने महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।
विरोध प्रदर्शन और शुरुआती कानूनी कदम
- 28 मई 2023 को नए संसद भवन के उद्घाटन के दौरान पहलवानों ने इस मामले को लेकर जुलूस निकाला। दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था।
- 30 मई 2023 को पहलवान अपने पदक बहाने हरिद्वार पहुंचे। अधिकारियों के समझाने पर उन्होंने अपना फैसला टाल दिया था।
- 7 जून 2023 को केंद्रीय खेल मंत्री और पहलवानों के बीच एक बैठक हुई थी।
आरोप पत्र और पॉक्सो मामले का समापन
- 15 जून 2023 को दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण सिंह और भारतीय कुश्ती महासंघ के तत्कालीन सहायक सचिव विनोद तोमर के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। यहीं से इस मामले में नया मोड़ आया। नाबालिग पहलवान और उसके पिता ने इस मामले में अपने बयान बदल दिए। इसके बाद पुलिस ने नाबालिग पहलवान वाले पॉक्सो मामले में समापन रिपोर्ट दायर की। जुलाई 2023 में अदालत ने बृजभूषण को अस्थायी जमानत दे दी थी।
आरोपों का निर्धारण और बरी होना
- मई 2024 में राउज़ एवेन्यू अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न, महिला की गरिमा भंग करने और आपराधिक धमकी जैसे कई आरोप तय किए। बृजभूषण शरण सिंह ने इन आरोपों को स्वीकार करने से इन्कार कर दिया। अदालत में उनसे पूछा गया कि क्या वे अपनी गलती मानते हैं, तो उन्होंने कहा, 'कोई सवाल ही नहीं है। जब गलती नहीं की तो उसे मानें क्यों।'
- वर्ष 2025 में दोनों पक्षों की दलीलें चलीं। पॉक्सो मामले में दिल्ली पुलिस की समापन रिपोर्ट अदालत ने स्वीकार कर ली और यह मामला औपचारिक रूप से बंद हो गया। हालांकि, अन्य महिला पहलवानों की शिकायतों पर मुकदमा जारी था। अदालत ने सभी गवाहों और पहलवानों के बयान दर्ज किए।