दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को जहां घर मिलना मुश्किल पड़ रहा है वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने अपने लिए एक आलीशान घर ढूंढ़ा है।
चांदनी चौक लोकसभा सीट से चुनाव हारने वाले पूर्व कानून मंत्री और टेलीकॉम मिनिस्टर कपिल सिब्बल इस आलीशान बंगले के लिए हर महीने 16 लाख रुपए किराया देंगे।
अभी तक सिब्बल सरकारी आवास में रह रहे थे।
दिल्ली में अब तक सबसे महंगा किराया
ईटी के अनुसार, सिब्बल ने जो बंगला चुना है वह जोरबाग में 1250 स्क्वायर यार्ड के प्लॉट पर बना है। सफदरगंज मकबरा के पास बना ये बंगला दिल्ली के बिजनेसमैन सिद्घार्थ सरीन का है।
इस मामले में कपिल सिब्बल और सरीन दोनों ने ही पुष्टि की है कि उनके बीच घर को लेकर एग्रीमेंट साइन हुआ है। हालांकि उन्होंने किराए के बारे में कुछ भी बोलने से मना कर दिया है।
इस डील से जुड़े एक व्यक्ति ने बताया कि मकान के किराए के तौर पर सरीन ने 18 लाख रुपए की मांग की थी लेकिन बाद में वह 16 लाख पर मान गए। बता दें कि यह दिल्ली में अब तक सबसे महंगा किराए वाला मकान होगा।
कब छोड़ेंगे सरकारी आवास?
बता दें कि चंद्रशेखर सरकार में मंत्री रहे कमल मोरार ने पिछले साल नवंबर में मुंबई में एक घर किराए पर लिया था जिसका मासिक किराया 18 लाख रुपए था।
सिब्बल ने बताया कि वह 1 अगस्त के पहले ही तीन मूर्ति रोड स्थित सरकारी आवास खाली कर देंगे।
उन्होंने कहा कि मैने मंत्रालय को पत्र लिखकर ये सूचित कर दिया है कि 1 अगस्त तक घर खाली कर दिया जाएगा। सिब्ब्ल के अनुसार वह जल्द से जल्द सरकारी आवास खाली कर देना चाहते हैं।
घर में ही होगा सिब्बल का ऑफिस
सिब्बल के नए घर में एक ऑफिस होगा जिसमें वह अपनी कानूनी प्रैक्टिस जारी रखेंगे। सिब्बल देश के जाने-माने संवैधानिक और कॉरपोरेट अधिवक्ताओं में से एक हैं। उन्होंने बिरला से लेकर पेप्सी जैसी मल्टीनेशनल कंपनी के लिए भी केस लडे़ हैं।
मनमोहन सिंह सरकार में मंत्री बनने के बाद लगभग 10 साल पहले उन्होंने वकालत बंद कर दी थी।
केंद्र में नई सरकार बनने के बाद पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के कई मंत्रियों समेत लगभग 265 सांसदों को भी जून के अंत तक सरकार आवास खाली करने के लिए कहा गया था।
बहुत खास है ये एरिया
लुटियंस जोन में रियलएस्टेट का कारोबार करने वाले लोगों ने बताया कि चुनाव के बाद सिब्बल ही नहीं कई और पूर्व मंत्री यहां किराए के लिए मकान खोज रहे हैं। यही वजह है कि काफी लंबे समय बाद इस इलाके में किराए में अचानक इतनी बढ़ोत्तरी हुई है।
जोन में मौजूद लगभग 1000 बंगलों में से करीब 10 फीसदी की निजी तौर पर इस्तेमाल किए जाते हैं जबकि अन्य सारे मकान सरकारी इस्तेमाल में आते हैं।
प्रधानमंत्री आवास, राष्ट्रपति भवन, सभी महत्वपूर्ण सरकारी ऑफिस और संसद, सब कुछ इस निजी एरिया के बेहद करीब है। यही वजह है कि ज्यादातर लोग इस एरिया में अपना निवास बनाना चाहते हैं।