गृह मंत्रालय में यौन शोषण को लेकर बैठक चल रही है
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कोविड-19 के खतरों से निबटने के लिए केंद्र सरकार को भारी रकम खर्च करनी पड़ रही है। इसी के मद्देनजर सरकार ने अपने गैर-जरूरी खर्चे कम करने का कदम उठाया है।
इसी क्रम में अनेक विभागों के अधिकारियों को मिलने वाले अनेक भत्ते तत्काल के लिए बंद कर दिए गए हैं।
लेकिन सरकार के इस कदम का पूर्व आईपीएस अधिकारियों के एक संगठन ने विरोध किया है। सरकार के इस फैसले का विरोध करते हुए आज मोमबत्ती जलाकर विरोध भी किया गया।
पूर्व अधिकारियों के संगठन 'भारतीय लोक सेवा कर्मचारी संघ' ने कहा है कि देश के लिए इस आपात काल में अनेक विभाग के कर्मचारी दिन-रात ड्यूटी कर रहे हैं। अपनी ड्यूटी के दौरान उन्हें लगातार खतरों का भी सामना करना पड़ रहा है।
सरकार को इस समय इनका मनोबल बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन देना चाहिए था। लेकिन उलटे सरकार ने इन कर्मचारियों के भुगतान में कमी कर इनका मनोबल गिराने वाला काम किया है। सरकार को चाहिए कि इन कर्मियों के भत्तों में की गई कटौती को वापस ले।