अब शहर में सस्ते मकानों की राह तीन बाद ही खुल सकेगी। आचार संहिता ने बिल्डिंग बाइलॉज संशोधन के प्रस्ताव पर ब्रेक लगा दिया है।
सीएम आफिस में बाइलॉज संशोधन से जुड़ी फाइल अटक गई है। लोकसभा चुनाव संपन्न हो जाने के बाद ही अब इस दिशा में कोई पहल होगी।
इसी प्रकार सस्ते मकानों का ड्रा भी आचार संहिता के कारण अटक गया है। एकल यूनिट पर कई-कई मंजिल तक बने अवैध निर्माण करने वाले छोटे बिल्डरों के हितों की रक्षा करने के लिए जीडीए बोर्ड ने बिल्डिंग बाइलॉज में संशोधन का प्रस्ताव मंजूरी किया था।
इसके मुताबिक बिल्डर अधिकतम 15 मीटर ऊंचाई तक की इमारत में बेसमेंट समेत तीन की बजाय चार मंजिल तक बना सकेंगे।
शर्त बस इतनी होगी कि प्रत्येक फ्लैट के लिए पार्किंग का इंतजाम करना होगा। इसके करीब आधा दर्जन और संशोधन किए गए हैं।
संशोधन के प्रस्तावों को शासन की मंजूरी के लिए भेजा गया था। फाइल सीएम के आफिस में पहुंच गई थी। बीते दिनों जीडीए वीसी लखनऊ में बाइलॉज संशोधन के लिए बैठक में गए भी थे, लेकिन सफलता नहीं मिली।
इसी प्रकार बिल्डर प्रोजेक्ट्स में सस्ते मकानों का ड्रा भी चुनाव संपन्न होने तक अटक गया है। पांच हजार भवनों के लिए सस्ते मकानों की योजना में करीब 45 हजार शहरवासियों ने आवेदन किया है।
मोदीनगर में भी जीडीए ने निम्न व मध्य वर्ग के लिए फ्लैट्स निर्माण की योजना बनाई थी। तहसील के राजस्व विभाग ने बेगमाबाद के संजयपुरी में जमीन भी चिन्हित कर ली थी।