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स्वाइन फ्लू से हर साल करते हैं मुकाबला, फिर कोरोना से क्यूं घबराना

Mon, 30 Mar 2020 01:10 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली 

सार

  • दिल्ली सहित देश में हर साल हजारों लोग आते हैं एच1एन1 की चपेट में
  • दिल्ली में 49 लोगों को हुआ कोरोना, स्वाइन फ्लू 226 को
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swine flu
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विस्तार
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वो साल 2009-10 ही था जब सुबह से शाम अस्पताल में स्वाइन फ्लू मरीज ही दिखाई देते थे। उस वक्त भी ऐसा ही कौतूहल भरा माहौल था। दिल्ली में हर कोई मास्क लगाकर घूमता था। लोगों ने नॉनवेज तक खाना छोड़ दिया था। हालांकि लॉकडाउन की नौबत नहीं आई थी लेकिन ज्यादातर लोगों ने बेवजह घर से निकलना छोड़ दिया था। 
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दिल्ली में कई हजार लोग इसकी चपेट में आए थे। इसके बाद से हर साल स्वाइन फ्लू के मरीज मिलते रहते हैं। तब भी एच1एन1 को सर्दियों से जोड़कर देखा जाता था लेकिन साल 2016 में स्वाइन फ्लू के नए स्ट्रेन मिशिगन की पहचान हुई तो गर्मियों में भी इसके मामले सामने आने लगे। इन सब के बाद भी हम हर साल स्वाइन फ्लू के संक्रमण से लड़ रहे हैं। फिर कोरोना से क्यूं घबराना? 

ये कहना है लोकनायक अस्पताल के डॉ. विश्वजीत का जिन्होंने पिछले 10 वर्षों के दौरान तीन बार इन्फ्लूएंजा की महामारी को काफी करीब से देखा है। साल 2009 के अंतिम महीनों में शुरू हुई महामारी को नियंत्रण में लाने के लिए करीब छह महीने का वक्त लगा था। इसके बाद 2015 में भी स्वाइन फ्लू का असर देखने को मिला जब उसके वायरस का स्ट्रेन बदल चुका था। तीसरी बार 2017 में हजारों लोग अस्पतालों में भर्ती हुए थे। अब हम कोरोना फैमिली के संक्रमण से जूझ रहे हैं। 
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दिल्ली में पिछले वर्ष यानी 2019 में सबसे ज्यादा 31 लोगों की मौत स्वाइन फ्लू से हुई थी। वहीं 3627 मरीज अस्पतालों में भर्ती हुए थे। जबकि कोरोना वायरस से स्वाइन फ्लू की तुलना करें तो कोरोना संक्रमित फिलहाल 49 मरीज हैं और दो लोगों की मौत हुई है। 
नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) के अनुसार वर्ष 2009 से लेकर 2017 तक तीन बार स्वाइन फ्लू का प्रकोप देश झेल चुका है। हालांकि पहले की तुलना में अब स्वाइन फ्लू के मरीजों को उपचार देना आसान है लेकिन हर बार हमने महामारी में एकजुट होकर लड़ाई लड़ी है। इसीलिए कोरोना वायरस को भी हमें हावी होने से रोकना है। 

सफदरजंग अस्पताल के कम्युनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. जुगल किशोर बताते हैं कि दुनिया भर में करीब 40 तरह के संक्रमण अब तक महामारी का रूप ले चुके हैं। हर बार स्वास्थ्य विशेषज्ञों के आगे ये बड़ी चुनौती के रूप में खड़े हो जाते हैं लेकिन फिर भी हम जीतते हैं। लोगों को भरोसा रखना चाहिए। कोरोना पर भी हम अब तक जीत हासिल करते आए हैं, आगे भी करेंगे। 
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स्वाइन फ्लू के गंभीर असर
साल        कुल मरीज        मौत
2009       20,604          1763
2015       42,592          2991
2017       38,811          2270

दिल्ली में स्वाइन फ्लू गंभीर
साल       कुल मरीज     मौत
2010       2725         77
2015       4307         12
2017       2835         17
2019      3627          31

इस साल दिल्ली में स्वाइन फ्लू बनाम कोरोना
स्वाइन फ्लू : 226 पॉजिटिव मरीज, मौत एक भी नहीं। 
कोरोना वायरस : 49 पॉजिटिव मरीज, दो लोगों की मौत। 

इस साल देश में स्वाइन फ्लू बनाम कोरोना वायरस
स्वाइन फ्लू : 1132 मरीज, 18 की मौत
कोरोना वायरस : 979 मरीज, 25 की मौत। 
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