-जनवरी-मई 2026 में दिल्ली में पंजीकृत कुल इलेक्ट्रिक वाहनों में 51.9% हिस्सेदारी इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में हरित परिवहन की दिशा में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन सबसे बड़ा आधार बनकर उभरे हैं। इस वर्ष जनवरी से मई के बीच दिल्ली में पंजीकृत कुल इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) में हर दूसरी नई ईवी इलेक्ट्रिक स्कूटर या बाइक रही। इस दौरान कुल ईवी पंजीकरण में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी 51.9 प्रतिशत रही। अनुसंधान एवं सलाहकार संस्था एनवायरोकैटलिस्ट्स द्वारा लिए गए आंकड़ों के अनुसार, जनवरी-मई 2026 के दौरान दिल्ली में 20,239 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन पंजीकृत हुए। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 11,939 थी। यानी एक वर्ष में करीब 70 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
2019 के बाद पहली बार इस श्रेणी में इतना बड़ा पंजीकरण दर्ज हुआ है। आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का विस्तार लगातार तेज हो रहा है। 2019 में जनवरी-मई के दौरान केवल 533 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन पंजीकृत हुए थे। इसके बाद 2020 में 379, 2021 में 1,209, 2022 में 12,220, 2023 में 17,573 और 2024 में 15,611 पंजीकरण दर्ज हुए थे। अब 2026 में यह संख्या 20 हजार के आंकड़े को पार कर चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती ईंधन कीमतों, चार्जिंग ढांचे के विस्तार और सरकारी प्रोत्साहन योजनाओं ने इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक को आम उपभोक्ताओं के लिए आकर्षक विकल्प बना दिया है। दैनिक आवागमन के लिए कम परिचालन लागत भी लोगों को इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की ओर आकर्षित कर रही है।
दूसरे स्थान पर ई-कार
दिल्ली के ईवी बाजार में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के बाद निजी इलेक्ट्रिक कारों का स्थान रहा। जनवरी-मई 2026 के दौरान 9,471 निजी इलेक्ट्रिक कारों का पंजीकरण हुआ, जो कुल ईवी पंजीकरण का 24.3 प्रतिशत है। वहीं इलेक्ट्रिक तीनपहिया वाहनों की हिस्सेदारी 12.3 प्रतिशत रही। हालांकि ईवी बाजार के कुछ हिस्सों में गिरावट भी देखने को मिली। ई-रिक्शा पंजीकरण में भारी कमी दर्ज की गई और यह घटकर 1,887 रह गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 25,643 ई-रिक्शा पंजीकृत हुए थे।
इनकी इतनी हिस्सेदारी
इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन : 51.9%
निजी इलेक्ट्रिक कारें : 24.3%
इलेक्ट्रिक तीनपहिया वाहन : 12.3%
ई-रिक्शा : 4.8%
इलेक्ट्रिक कमर्शियल कैब : 2.7%
इलेक्ट्रिक बसें : 2.1%