उत्तरी दिल्ली के आजादपुर चौक से बेला रोड, सिविल लाइन तक और मुकरबा चौक से आजादपुर, मुकरबा चौक से सिंधु बोर्डर तक बेहतर लाइटिंग की जा रही है। टाटा पावर डीडीएल की प्रवक्ता ने बताया कि जी-20 को लेकर हम पर्याप्त बिजली उपलब्धता में सुधार करके प्रमुख सड़कों की विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा रही है।
सभी एजेंसियां जी-20 की ब्रांडिंग में जुटी है। इस शिखर सम्मेलन के लिए दिल्ली के सभी ब्लैक स्पॉट की पहचान की गई है। यहां 100 प्रतिशत रोशनी प्रदान की जाएगी। बिजली की अबाध आपूर्ति के लिए स्टेशन व सब स्टेशन तैयार किए जा रहे हैं, ताकि प्रमुख सड़कों की विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सके। इसे लेकर बिजली कंपनियों ने युद्ध स्तर पर काम शुरू किया है।
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उत्तरी दिल्ली के आजादपुर चौक से बेला रोड, सिविल लाइन तक और मुकरबा चौक से आजादपुर, मुकरबा चौक से सिंधु बोर्डर तक बेहतर लाइटिंग की जा रही है। टाटा पावर डीडीएल की प्रवक्ता ने बताया कि जी-20 को लेकर हम पर्याप्त बिजली उपलब्धता में सुधार करके प्रमुख सड़कों की विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा रही है। इन इलाकों में ब्लैक स्पॉट की पहचान कर 100 फीसदी रोशनी बहाल की गई है। वहीं सौंदर्यीकरण और सफाई के दृष्टिकोण से बिजली के पोलों की सफाई की जा रही है। जहां भी इंटरनेट और केबल की तारें बेतरतीव ढंग से लटक रहे हैं, उसे ठीक किया जा रहा है ताकि तारों का जंजाल खूबसूरती को खराब नहीं करें और शॉर्ट सर्किट से भी बचा जा सके। इसके अलावा जेबरा पेंटिंग के साथ झुके हुए पोल को भी बदला जा रहा है।
जी-20 ब्रांडिंग के लिए बेला रोड, क्रोमा के पास डी-ब्लॉक मॉल रोड, मॉल रोड बस स्टैंड के पास माल रोड, मॉडल टाउन मेट्रो स्टेशन के पास,टैक्सी स्टैंड मॉडल टाउन, एच-ब्लॉक मॉडल टाउन-3, आजादपुर बस स्टैंड, महेंद्र पार्क मेन रोड, जहांगीरपुर, कला कुंज एओ ब्लॉक शालीमारबाग में सस्टेनेबिलिटी के संदेश देने वाले होर्डिंग्स लगाए जा रहे है। आयोजन स्थल पर बिजली की समस्या उत्पन्न नहीं हो इसके लिए विशेष योजना तैयार की गई है। उर्जा विभाग ने बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड को एक्शन प्लान तैयार करने को कहा है। जेनरेटर सेट के साथ 400 से अधिक किलोवॉट के यूपीएस तैयार रहेगा।
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इसका फायदा यह होगा कि सब-स्टेशन से बिजली की आपूर्ति प्रभावित होती है तो यूपीएस के माध्यम से बिजली की आपूर्ति होती रहे। बिजली की निर्बाध आपूर्ति के लिए लगातार समीक्षा बैठक की जा रही है। खासकर सम्मेलन स्थल और जिन होटलों में राजनयिकों को ठहराने की व्यवस्था की गई है। सम्मेलन स्थल पर 1600 किलोवॉट के ट्रांसफॉर्मर लगाया गया है। बिजली आपूर्ति करने वाली दोनों कंपनियों ने क्विक रिस्पांस टीम का गठन किया है।