पानी के टैंकर का इंतजार करते हैं लोग
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पेयजल आपूर्ति की दिशा में राजधानी को आत्मनिर्भर बनाने और हर घर को 24 घंटे पानी उपलब्ध कराने के लिए दिल्ली सरकार छलांग मारेगी। इसके लिए दिल्ली जल बोर्ड 22 जलाशयों को लबालब करने के साथ ही यमुना किनारे चार विकेंद्रित जल शोधन प्लांट लगाएगा। इनकी क्षमता करीब चार एमजीडी होगी। इसके साथ ही 439 वर्षा जल संचयन प्लांट के अलावा 155 प्लांट के जरिए भी दिल्ली को जलापूर्ति की जाएगी। हालांकि, वर्तमान में प्रत्येक घर को दी जा रही 20 हजार लीटर पानी की आपूर्ति जारी रहेगी।
सोमवार को दिल्ली विधासनभा में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि गारंटी कार्ड में दिए गए आश्वासन के अनुसार दिल्ली सरकार ने प्रत्येक घर को 24 घंटे पीने का पानी उपलब्ध कराने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। इसकी तैयारी में राजधानी में 3341 बल्क मीटर लगवाए जा रहे हैं, जो आगामी जुलाई से काम करना शुरू कर देंगे। इससे पानी की मात्रा का हिसाब रखने के साथ आपूर्ति और इसका बंटवारा करना आसान हो जाएगा। दिल्ली की करीब 1605 अनधिकृत कॉलोनियों को पाइपलाइन के जरिए पानी की सप्लाई से जोड़ा जा रहा है। इसमें से 1549 कॉलोनियों में पानी की सप्लाई जारी है और 56 अन्य कॉलोनियों में जलापूर्ति की अधिसूचना जारी होनी है। इसके साथ ही जल बोर्ड ने करीब 22 जलाशयों को लबालब करने का ठेका भी दे दिया है। सिसोदिया ने बताया कि सीवर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता बढ़ाकर 607 एमजीडी कर दी गई है।
साल के अंत तक 1031 अनधिकृत कॉलोनियों में बिछेंगी सीवर लाइन
इस साल के अंत तक कुल 1031 अनधिकृत कॉलोनियों में सीवर लाइन बिछाने का लक्ष्य तैयार किया है। इसमें से 434 कॉलोनियों में सीवर लाइन डाली जा चुकी हैं। 597 कॉलोनियों में इसे दिसंबर तक पूरा किया जाना है। सिसोदिया ने बताया कि यमुना की सफाई के लिए इंटरसेप्टर सीवर की परियोजना का कार्य 98 फीसदी तक पूरा कर लिया है और नालों के करीब 141 एमजीडी दूषित पानी का शोधन जारी है।
31 मार्च से पहले मिलेगी सीवर कनेक्शन योजना में छूट
दिल्ली जल बोर्ड ने मुख्यमंत्री मुफ्त सीवर कनेक्शन योजना की शुरुआत की है। यह ऐसे इलाकों के लिए है जहां सीवर लाइन तो है, लेकिन लोगों ने सीवर लाइन कनेक्शन नहीं ले रखा है। ऐसे में इस योजना के तहत आगामी 31 मार्च से पहले सीवर कनेक्शन के लिए आवेदन करने वालों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। दिल्ली जल बोर्ड अपने खर्चे पर लोगों को सीवर कनेक्शन उपलब्ध कराएगा। इसमें प्रारंभिक शुल्क, संस्थापना शुल्क, सड़क बहाली शुल्क समेत सीवर आवेदन पत्र का शुल्क भी शामिल हैं।